





दांतन: आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, दांतन में आयोजित भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा प्रहार किया है। अपने आक्रामक और जोशीले भाषण में उन्होंने कई बड़े दावे किए और राज्य सरकार की विफलताओं को जनता के सामने प्रमुखता से रखा।



शुभेंदु अधिकारी ने आत्मविश्वास के साथ मंच से घोषणा की कि आगामी चुनावों में बीजेपी दोनों मेदिनीपुर (पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर) जिलों की कुल 35 सीटों में से 30 से अधिक सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सीधी चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि वह उन्हें भवानीपुर में भी निश्चित रूप से हराएंगे। अधिकारी ने तीखे शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ही राज्य की सभी समस्याओं की जड़ हैं और चुनाव हारते ही उनके कई करीबी नेता उनका साथ छोड़कर भाग जाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार और कुशासन के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। 26,000 नौकरियों की चोरी (शिक्षक भर्ती घोटाला) का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने पूछा कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया गया। इसके साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और ‘अभया’ तथा ‘तमन्ना’ जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाए। शुभेंदु ने कहा कि राज्य को केवल भत्ते की नहीं, बल्कि ठोस रोजगार और उद्योगों की जरूरत है। उन्होंने किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने, हर घर में नल से जल पहुंचाने और बेहतर सिंचाई व्यवस्था के लिए राज्य में बदलाव का आह्वान किया।
केंद्र सरकार की योजनाओं को राज्य में लागू न करने को लेकर भी शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने जानबूझकर ‘आयुष्मान भारत’ जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने दिया। ओडिशा और दिल्ली का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जहां-जहां आयुष्मान भारत को रोका गया था, वहां अब बदलाव आ चुका है और वहां की जनता को इसका लाभ मिल रहा है। पश्चिम बंगाल की जनता भी अब इस लाभकारी योजना से वंचित नहीं रहना चाहती है।
मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि इस बार चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष होंगे। उन्होंने जानकारी दी कि मतदान केंद्रों पर पोलिंग पार्टियों में केवल केंद्र सरकार के कर्मचारी ही शामिल होंगे और किसी भी कैजुअल या संविदा कर्मी को यह जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। साथ ही, चुनाव में कोई धांधली न हो यह सुनिश्चित करने के लिए मतदान केंद्रों पर कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निडर होकर घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान चलाने की अपील की।
अंत में, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। उनका आरोप था कि राज्य सरकार ने 1 लाख 15 हजार सिविक वॉलंटियर्स, 4 हजार विलेज पुलिस और 60 हजार से अधिक संविदा कर्मियों की भर्ती में आरक्षण के संवैधानिक नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की है। उन्होंने दावा किया कि आदिवासी और कुर्मी समाज अब इस सच्चाई को समझ चुका है और पूरी तरह से बीजेपी के साथ खड़ा है।






