





पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इसी चुनावी माहौल के बीच, 10 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र को ‘भरोसे की शपथ’ नाम दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस ‘संकल्प पत्र’ को जारी किया।



2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने अपने घोषणापत्र में कुल 15 मुख्य वादे किए हैं। इन वादों में बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए प्रतिमाह 3,000 रुपये के भत्ते का ऐलान प्रमुख आकर्षण का केंद्र है।

क्या-क्या है बीजेपी के इस ‘संकल्प पत्र’ में?
बीजेपी द्वारा जारी किए गए 15 मुख्य वादे इस प्रकार हैं:
- घुसपैठ पर लगाम: राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएंगे।
- ‘श्वेत पत्र’ होगा जारी: पिछले 15 सालों में वर्तमान राज्य सरकार (तृणमूल कांग्रेस) के दौरान हुए भ्रष्टाचार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की पोल खोलने के लिए एक विशेष ‘श्वेत पत्र’ (White Paper) लाया जाएगा।
- सिंडिकेट राज का खात्मा: राज्य से ‘कट मनी’ की संस्कृति और सिंडिकेट राज को पूरी तरह से जड़ से खत्म किया जाएगा।
- डीए और वेतन आयोग: राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा और सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
- रोजगार और भत्ता: आगामी 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। इसके साथ ही, जब तक युवाओं को रोजगार नहीं मिल जाता, तब तक बेरोजगार युवक-युवतियों को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
- महिलाओं की सुरक्षा और आरक्षण: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड’ नाम से एक विशेष महिला पुलिस बटालियन का गठन किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जाएंगी।
- महिलाओं को आर्थिक मदद: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्हें हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
- किसानों को लाभ: धान, आलू और आम की खेती करने वाले किसानों को विशेष सरकारी सहायता दी जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनकी फसल का उचित और न्यायपूर्ण मूल्य मिले।
- मछुआरों और उद्योग का विकास: राज्य के हर सीमांत मछुआरे को ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ के तहत पंजीकृत किया जाएगा। अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए पश्चिम बंगाल को एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र और देश के सबसे बड़े मछली निर्यातक राज्यों में से एक बनाया जाएगा।
- समान नागरिक संहिता (UCC): राज्य में ‘यूनिफॉर्म सिविल कोड’ (UCC) लागू करने के लिए कानून बनाया जाएगा। साथ ही, पशु तस्करी को रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।
- चाय और जूट उद्योग: पुराने चाय बागानों का विकास किया जाएगा, ‘दार्जिलिंग चाय’ को वैश्विक ब्रांड बनाने की दिशा में काम होगा और जूट उद्योग का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
- भाषाओं को सम्मान: कुड़माली और राजबंशी भाषाओं को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
- स्वास्थ्य सेवाएं: राज्य में ‘आयुष्मान भारत योजना’ सहित केंद्र सरकार की सभी योजनाओं को लागू किया जाएगा। महिलाओं के लिए मुफ्त एचपीवी (HPV) टीकाकरण और स्तन कैंसर की मुफ्त जांच की सुविधा शुरू की जाएगी।
- शिक्षा और स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा: उत्तर बंगाल के लोगों के लिए एक नया ‘एम्स’ (AIIMS) बनाया जाएगा। साथ ही, उत्तर बंगाल में ही नए आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) कैंपस की स्थापना की जाएगी।
- सांस्कृतिक और धार्मिक स्वतंत्रता: एक विशेष ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ का निर्माण किया जाएगा और सभी नागरिकों को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कानून लागू किए जाएंगे।







