




कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी के बीच एक ही स्थान पर मौजूदगी ने इलाके में तनाव और चुनावी तापमान दोनों बढ़ा दिया है।


देर रात छापेमारी का आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि वार्ड नंबर 70 के लोकप्रिय पार्षद, जिन्हें ‘बाबाई’ के नाम से जाना जाता है (असीम बसु), उनके घर पर रात के 2 बजे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने छापेमारी की। मुख्यमंत्री का दावा है कि यह कार्रवाई राज्य पुलिस को सूचित किए बिना की गई।

ममता बनर्जी ने घटना का विवरण देते हुए कहा:
”बाबाई एक बहुत लोकप्रिय पार्षद हैं। रात के 2 बजे सीआरपीएफ ने बिना राज्य पुलिस के उनके घर पर धावा बोल दिया। उस समय बाबाई घर पर नहीं थे, उनकी पत्नी और बच्चा अकेले थे। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों के साथ बदसलूकी की गई और डराया-धमकाया गया ताकि बाबाई पार्टी के काम से दूर रहें।”
आमने-सामने आए दोनों दिग्गज
इस घटना के बाद ममता बनर्जी सुबह-सुबह ही असीम बसु के आवास पर पहुंच गईं। कुछ ही देर बाद बीजेपी उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी भी सीआरपीएफ जवानों के साथ उसी स्थान पर पहुंच गए। सुवेंदु अधिकारी ने वहां पहुंचकर कुछ विषयों पर शिकायत करने की बात कही, हालांकि उन्होंने स्पष्ट नहीं किया कि उनकी शिकायत किस बारे में थी।
बढ़ता राजनीतिक तनाव
एक ही समय पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के दोनों कद्दावर नेताओं की उपस्थिति से भवानीपुर में स्थिति काफी संवेदनशील हो गई है। समर्थकों की भीड़ और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के बीच, चुनाव से पहले इस तरह की घटनाओं ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। चुनाव आयोग इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।





