समाचार एजेंसी के दफ्तर पर पुलिस कार्रवाई, विपक्ष और मीडिया संगठनों ने की कड़ी निंदा

March 22, 2026 11:25 PM

कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और वामपंथी दलों ने दिल्ली में एक प्रमुख समाचार एजेंसी के कार्यालय में पत्रकारों और कर्मचारियों के साथ पुलिस द्वारा की गई कथित धक्का-मुक्की और जबरन कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम नई दिल्ली के रफी मार्ग स्थित इस पुरानी समाचार एजेंसी के कार्यालय को बिना किसी पूर्व नोटिस के खाली करा लिया गया। इस दौरान वहां पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई थी। स्वतंत्र भारत के मीडिया इतिहास की इस अप्रत्याशित घटना को लेकर राजनीतिक दलों और मीडिया जगत में भारी रोष है।

​विपक्षी नेताओं ने साधा निशाना

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मीडिया के साथ जो व्यवहार किया गया है, उससे स्पष्ट है कि सरकार ने मीडिया बिरादरी के लिए ‘हिटलर जैसा फरमान’ जारी कर दिया है।” अपने बयान में उन्होंने 2016 में एक अन्य हिंदी न्यूज़ चैनल पर लगाए गए एक दिन के प्रतिबंध का भी हवाला दिया और आरोप लगाया कि सरकार की सच्चाई दिखाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है।

​आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भी सोशल मीडिया पर इस घटना की निंदा की। उन्होंने इसे “गलत और अभूतपूर्व” करार देते हुए कहा कि दिल्ली में ऐसा होना चिंताजनक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रेस के खिलाफ बल और धमकियों का इस्तेमाल नहीं कर सकती।

​वहीं, सीपीआई (एम) के महासचिव एम. ए. बेबी ने इस कार्रवाई को “चौंकाने वाला” और “लोकतंत्र में पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने पुलिस पर पत्रकारों को बाहर घसीटने और बदसलूकी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई तानाशाही को दर्शाती है, जहां कर्मचारियों, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, को अपना निजी सामान तक समेटने का समय नहीं दिया गया।

​मीडिया संगठनों ने जताया कड़ा विरोध

इस घटना के बाद देशभर के कई प्रमुख पत्रकार संघों और मीडिया संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। महिला पत्रकारों के साथ कथित हाथापाई और एजेंसी के दफ्तर को रातों-रात सील किए जाने को प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताया गया है। विभिन्न पत्रकार संगठनों ने एक सुर में इस कार्रवाई की निंदा करते हुए मामले में जवाबदेही तय करने

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