January 21, 2026

सड़क चौड़ीकरण को लेकर व्यापारियों के बीच तनाव खत्म

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पश्चिम बंगाल के दीघा और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के कारण उत्पन्न हुआ व्यापारियों का विवाद अब सुलझ गया है। दीघा के पास सड़क विस्तार कार्यों के चलते दुकानों को हटाए जाने के बाद दोनों राज्यों के स्थानीय व्यापारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी, जिसे अब आपसी बातचीत और एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद शांत कर लिया गया है।

क्या था पूरा मामला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दीघा में सड़क चौड़ीकरण के काम के लिए प्रशासन द्वारा लगभग 150 दुकानों को हटाया गया था। इनमें से कुछ दुकान मालिक ओडिशा के भोगराई इलाके के निवासी थे। इन व्यापारियों ने आरोप लगाया था कि उन्हें ओडिशा का निवासी होने के कारण निशाना बनाया गया और बेदखल किया गया। इसके जवाब में, ओडिशा के चंदनेश्वर इलाके में बंगाली व्यापारियों को कथित तौर पर तीन दिनों के भीतर अपनी दुकानें बंद करने और वापस जाने का अल्टीमेटम दिया गया था, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

बैठक और समाधान

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक अखिल गिरी ने इसे राज्य प्रशासन के संज्ञान में लाया। इसके बाद, शुक्रवार को सीमावर्ती क्षेत्र पदिमा-1 ग्राम पंचायत के प्रधान अशोक चंद और ओडिशा के भोगराई ब्लॉक की सबजपुर ग्राम पंचायत के प्रधान दिलीप कामिला के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई।

​बैठक के बाद प्रधान अशोक चंद ने पुष्टि की कि दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी दूर कर ली गई है और विवाद सुलझ गया है। उन्होंने कहा, “सड़क निर्माण के लिए जिन लोगों को हटाया गया है, उनके पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ लोगों ने इस सामान्य प्रशासनिक मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की थी, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

अधिकारियों का बयान

दूसरी ओर, दीघा-शंकरपुर विकास प्राधिकरण (DSDA) के प्रशासक सुरजीत पंडित ने कहा कि सड़क निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जा रहा है और उन्हें किसी भी विशिष्ट बेदखली विवाद या शिकायत के बारे में कोई औपचारिक जानकारी नहीं मिली है।

​इस समझौते से सीमा के दोनों ओर के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है और अब उम्मीद है कि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहेंगी।

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