सड़क हादसे में सेवा की जवान की मौत, आज पहुंचेगी पार्थिव शरीर
उन्हें आज घर लौटना था। वह घर लौटेंगे लेकिन उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे झंडे में लपेटा होगा।
डोडा में सेना के एक हादसे में सांकराइल के समीरन सिंह (28) की जान चली गई।
जम्मू-कश्मीर के डोडा में भयानक हादसा: सेना की गाड़ी खाई में गिरी, 10 जवानों की मौत, 6 गंभीर रूप से घायल
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में हुए दर्दनाक हादसे में भारतीय सेना की ब्रेवो कंपनी की 169वीं बटालियन के एक जवान की जान चली गई।
पता चला है कि गुरुवार को सेना की एक गाड़ी डोडा की खदान के भागरबट इलाके में कैंप लौट रही थी। उस समय, विपरीत दिशा से आ रही एक दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करते समय, सेना की गाड़ी का नियंत्रण खो गया और वह गहरी खाई में गिर गई। 10 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृत जवानों में से एक पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम जिले के सांकराइल ब्लॉक के रगरा इलाके के कुचलादरी गांव का रहने वाला समीरन सिंह है। जैसे ही यह दुखद खबर गांव पहुंची, परिवार और इलाके में दुख का साया छा गया।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, समीरन सिंह परिवार का अकेला कमाने वाला सदस्य था। वह अपने माता-पिता को खुश रखने का सपना देखता था। इसीलिए उसने अपने माता-पिता के लिए एक नया घर भी बनवाया था।
अपने लिए दो मंज़िला घर बनाने का काम चल रहा था। उसने 24 तारीख को छुट्टी से लौटने के बाद अपने भाई के साथ मिलकर दूसरी मंज़िल पर अपने लिए घर बनाने की पूरी तैयारी कर ली थी।
लेकिन वह सपना पूरा नहीं हुआ।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, समीरन का शव शुक्रवार को घर आना था। लेकिन, खराब मौसम के कारण अभी तक हवाई जहाज से शव भेजना मुमकिन नहीं हो पाया है। परिवार और गांव वाले अपनों के शव के लौटने का इंतज़ार करते हुए दिन गिन रहे हैं।
২৪তারিখ বাড়ি ফেরার কথা। বাড়ি ফিরবে কিন্তু তিরঙ্গা পতাকায় জড়িয়ে ফিরবে তার দেহ।
ডোডায় সেনা দুর্ঘটনায় প্রাণ হারিয়েছেন সাঁকরাইলের সমীরণ সিং (২৮)।
জম্মু-কাশ্মীরের ডোডায় ভয়াবহ দুর্ঘটনা: খাদে পড়ে সেনাবাহিনীর গাড়ি, নিহত ১০ জওয়ান, গুরুতর আহত ৬
জম্মু-কাশ্মীরের ডোডা জেলায় মর্মান্তিক সেই দুর্ঘটনায় প্রাণ হারালেন ভারতীয় সেনার ব্রেভো কোম্পানীর ১৬৯ নং ব্যাটেলিয়ন এর জওয়ান ছিলেন।
জানা গেছে, বৃহস্পতিবার ডোডার খনি ভগরবাত এলাকায় সেনাবাহিনীর একটি গাড়ি ক্যাম্পের দিকে ফিরছিল। সেই সময় বিপরীত দিক থেকে আসা আর একটি গাড়িকে পাশ কাটাতে গিয়ে নিয়ন্ত্রণ হারিয়ে সেনার গাড়িটি গভীর খাদে পড়ে যায়। ঘটনাস্থলেই ১০ জন জওয়ানএর মৃত্যু হয়।
নিহত জওয়ানদের একজন পশ্চিমবঙ্গের ঝাড়গ্রাম জেলার সাঁকরাইল ব্লকের রগড়া অঞ্চলের কুচলাদাঁড়ি গ্রামের বাসিন্দা সমীরণ সিং । এই দুঃসংবাদ গ্রামে পৌঁছাতেই শোকের ছায়া নেমে আসে পরিবার ও এলাকাজুড়ে।
পরিবার সূত্রে জানা গেছে, সমীরণ সিং ছিলেন পরিবারের একমাত্র রোজগেরে সদস্য। বাবা-মাকে সুখে রাখার স্বপ্ন দেখতেন তিনি। তাই বাবা মার জন্য নতুন বাড়িও বানিয়ে দিয়েছিলেন।
নিজের থাকার জন্য দোতালা বানানোর কাজ চলছিলো। ২৪তারিখ ছুটি থেকে ফিরে দোতলায় নিজের জন্য ঘর ঢালই করবে তার সমস্ত প্রস্তুতি ভাইকে দিয়ে সেড়ে রেখেছিলো।
কিন্তু সেই স্বপ্ন আর পূরণ হল না।
পরিবার সূত্রে আরও জানা গেছে, শুক্রবার সমীরণের মরদেহ বাড়িতে ফেরার কথা ছিল। তবে খারাপ আবহাওয়ার কারণে এখনও বিমানযোগে দেহ পাঠানো সম্ভব হয়নি। প্রিয়জনের দেহ ফেরার অপেক্ষায় দিন গুনছে পরিবার ও গ্রামবাসীরা