





पश्चिम बंगाल के खड़गपुर स्थित निमपुरा औद्योगिक क्षेत्र (Nimpura Industrial Estate) में उस समय तनाव व्याप्त हो गया, जब एक फैक्ट्री के श्रमिकों ने अपने दो साथियों को बिना किसी ठोस कारण के काम से निकाले जाने के विरोध में काम रोक दिया।



श्रमिकों का आरोप और यूनियन का पक्ष:-

आईएनटीयूसी (INTUC) समर्थित श्रमिक यूनियन के सदस्यों का कहना है कि मैनेजमेंट ने करीब डेढ़ साल पहले दो श्रमिकों को अनुचित तरीके से काम से बाहर कर दिया था। यूनियन के सचिव ममता चाली ने बताया कि वे लंबे समय से इन श्रमिकों की बहाली की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है।
शांतिपूर्ण विरोध और प्रशासन से मांग:-
जिला आईएनटीयूसी के उपाध्यक्ष चंचल दत्त ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों का उद्देश्य फैक्ट्री को बंद करना नहीं है, बल्कि वे केवल अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने फैक्ट्री के गेट पर इकट्ठा होकर नारेबाजी की और प्रबंधन से इन दोनों श्रमिकों को तत्काल काम पर वापस लेने की मांग की।श्रमिकों का कहना है कि वे स्थानीय निवासी हैं और रोजगार छिन जाने के कारण उन्हें भारी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका विरोध जारी रहेगा।








