





पश्चिम बंगाल पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक और फाल्ता विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार रहे जहांगीर खान को नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पिछले महीने हुए विधानसभा चुनावों के दौरान फाल्ता में कथित अनियमितताओं की खबरों के बाद वहां पुनर्मतदान (Repolling) का आदेश दिया गया था, जिसके बाद से खान विवादों के केंद्र में थे।



यह गिरफ्तारी कलकत्ता उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ द्वारा जहांगीर खान को पांच अलग-अलग एफआईआर (FIR) में दी गई अंतरिम सुरक्षा को आगे बढ़ाने से इनकार करने के कुछ हफ्तों बाद हुई है। इससे पहले, न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने 21 मई को फाल्ता में होने वाले पुनर्मतदान को ध्यान में रखते हुए उन्हें 26 मई तक अंतरिम राहत प्रदान की थी। खान ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि पुलिस द्वारा उनके खिलाफ बार-बार आपराधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

गिरफ्तारी के बाद लोगों ने जहांगीर के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की व फ्रिज सहित कई कीमती सामान ले गए।
इस चुनाव में जहांगीर खान का नाम तब और भी सुर्खियों में आया जब उन्होंने खुद की तुलना फिल्म के मशहूर किरदार “पुष्पा” से की। इसके जवाब में, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 16 मई को फाल्ता में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि वह व्यक्तिगत रूप से “पुष्पा” के मामले को देखेंगे। यह बयान चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की तुलना “सिंघम” से किए जाने के बाद आया था।
कड़ी सुरक्षा और केंद्रीय बलों (CAPF) की भारी तैनाती के बीच फाल्ता में पुनर्मतदान शांतिपूर्ण रहा और 88% से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान से महज 48 घंटे पहले जहांगीर खान के चुनाव मैदान से हटने के बाद, स्थानीय लोगों ने बिना किसी डर के वोट डालने की बात कही।
चुनावी नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के देबांशु पांडा ने फाल्ता सीट से 1,09,021 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से जीत हासिल की, जो 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की सबसे बड़ी जीत है। इस चुनाव में पार्टी को 71.2% वोट मिले, जबकि सीपीएम (CPM) दूसरे स्थान पर रही।







