





सबंग कॉलेज में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अनुशासनहीनता और प्रोफेसरों के गिरते स्तर को लेकर एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। एक स्थानीय नेता ने मंच से कॉलेज के वातावरण, छात्रों के पहनावे और प्रोफेसरों के काम करने के तरीके पर तीखा प्रहार किया है।



अनुशासनहीनता पर सख्त रुख:-

मंच से भाषण देते हुए नेता ने कॉलेज के छात्रों के व्यवहार पर गहरी निराशा व्यक्त की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्र कॉलेज के बाहर सड़कों पर ‘लफंगागिरी’ करते हुए पाए गए, तो उन्हें कल से ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं अगर क्लास के बाहर सड़क पर लफंगागिरी करते देखूंगा, तो पुलिस से अरेस्ट करवा कर थाने ले जाऊंगा। कल से सावधान!”
प्रोफेसरों की गुणवत्ता पर सवाल:-
नेता ने कॉलेज के प्रोफेसरों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में इतने ‘निम्न स्तर’ के प्रोफेसर नहीं देखे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोफेसर क्लास नहीं लेते और केवल ट्यूशन पढ़ाने में व्यस्त रहते हैं, जबकि सरकार उन्हें लाखों रुपये वेतन दे रही है। उन्होंने कॉलेज के प्रिंसिपल को भी सुझाव दिया कि ऐसे प्रोफेसरों का तबादला कर दिया जाना चाहिए।
छात्रों के पहनावे और आचरण पर आपत्ति:-
कार्यक्रम के दौरान छात्रों के पहनावे, जैसे कि लड़कों द्वारा कान में बाली पहनना और लंबे बाल रखना, पर भी आपत्ति जताई गई। नेता ने इसे ‘अनैतिक’ बताते हुए कहा कि कॉलेज में इस तरह के आचरण की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने छात्रों को सावधान करते हुए कहा कि जो छात्र लगातार तीन दिन तक क्लास में अनुपस्थित रहेंगे, उनका नाम कॉलेज से कटवा दिया जाएगा।
दूसरे कॉलेजों से तुलना:-
भाषण के दौरान ‘डेबरा कॉलेज’ का उदाहरण देते हुए वहाँ के अनुशासन और छात्रों के व्यवहार की प्रशंसा की गई। उन्होंने कहा कि सबंग कॉलेज के छात्रों और शिक्षकों को भी उसी तरह का अनुशासन अपनाना चाहिए।








