





पश्चिम बंगाल के खड़गपुर ग्रामीण इलाके में स्थित विद्यासागर औद्योगिक क्षेत्र (Vidyasagar Industrial Park) सोमवार को उस समय रणक्षेत्र बन गया, जब एक पेंट फैक्ट्री के बाहर स्थानीय जमीनदाता किसानों ने अपनी मांगों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के कारण स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।



क्या है पूरा मामला?

जमीनदाता संयुक्त संग्राम समिति के बैनर तले किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री निर्माण के लिए अपनी जमीन देने के बावजूद उनके परिवार के सदस्यों को रोजगार नहीं दिया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रबंधन स्थानीय लोगों के बजाय बाहर से आए लोगों को काम पर रख रहा है। इसके अलावा, किसानों ने यह भी शिकायत की है कि उन्हें उनकी जमीन का उचित मुआवजा अब तक नहीं मिला है।
पुलिस के साथ झड़प और चक्का जाम:
सोमवार दोपहर करीब 4 बजे प्रदर्शनकारी रूपनारायणपुर से जुलूस निकालकर फैक्ट्री के गेट पर पहुंचे और राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के किनारे बैठकर विरोध शुरू कर दिया। इसके कारण नेशनल हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। सूचना मिलते ही खड़गपुर ग्रामीण थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और बहस शुरू हो गई।
आत्मदाह की चेतावनी:-
प्रदर्शनकारियों के समर्थन में कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता राजर्षि मुखर्जी भी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष मिहिर कुमार पहाड़ी ने बताया कि लंबे समय से आंदोलन करने के बाद भी प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी न होने पर फैक्ट्री के सामने ही आत्मदाह करने की चेतावनी दे दी थी।
स्थिति अब नियंत्रण में:-
देर शाम पुलिस और प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद सड़क जाम हटाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। हालांकि, किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे और भी बड़ा आंदोलन करेंगे।








