





प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी के साथ टेलीफोन पर बातचीत की। इस चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और विशेष रूप से हॉर्मुজ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के क्षेत्र में मौजूदा सुरक्षा स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया।



समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर:-

क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध की आशंकाओं के बीच, पीएम मोदी ने खुले और सुरक्षित समुद्री मार्गों के महत्व पर जोर दिया। हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। भारत ने हमेशा इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की वकालत की है, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
चाबहार बंदरगाह और द्विपक्षीय संबंध:-
बातचीत के दौरान चाबहार बंदरगाह परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। यह परियोजना भारत और ईरान के बीच रणनीतिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक संपर्क बढ़ाने में मदद करती है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
ईद और नवरोज की शुभकामनाएं:-
राजनीतिक और रणनीतिक चर्चाओं के अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति रायसी और ईरान की जनता को आगामी ईद-उल-फितर और ईरानी नववर्ष ‘नवरोज’ की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह कदम दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों और मैत्रीपूर्ण व्यवहार को दर्शाता है।
शांति के लिए अपील:-
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी तनाव के संदर्भ में, पीएम मोदी ने बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं का समाधान निकालने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत ने लगातार यह रुख अपनाया है कि किसी भी विवाद को हिंसा के बजाय शांतिपूर्ण चर्चा के जरिए सुलझाया जाना चाहिए।










