





मेदिनीपुर: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में राज्य स्तर पर प्रथम दस स्थानों में जगह बनाने वाले सात प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।



पुलिस परिवार के बच्चों को भी मिली सराहना
केवल मेधावी छात्र ही नहीं, बल्कि पुलिस परिवार से जुड़े उन १४ बच्चों को भी विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया, जिन्होंने इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं में ९०% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। पुलिस प्रशासन की इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों की कड़ी मेहनत को पहचान देना और उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित करना है।

थानों में खुलेंगे कोचिंग सेंटर: नि:शुल्क शिक्षा की पहल
समारोह के दौरान पुलिस अधीक्षक ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में एक कोचिंग सेंटर खोलने की योजना है।
- लक्ष्य: यह केंद्र उन जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए होंगे जो संसाधनों के अभाव में ट्यूशन या किताबों का खर्च नहीं उठा पाते।
- विशेष ध्यान: विशेषकर माध्यमिक परीक्षा देने वाले छात्रों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा ताकि जिले से अधिक से अधिक छात्र राज्य की मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बना सकें।
सफलता के सूत्र: छात्रों और अभिभावकों का अनुभव
सम्मान पाकर छात्र बेहद उत्साहित दिखे। एक छात्रा, जिसने ५०० में से ४৯৭ अंक प्राप्त किए हैं, उसने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। उसने भविष्य में UPSC की परीक्षा पास कर एक प्रशासनिक अधिकारी बनने की इच्छा व्यक्त की।
अभिभावकों ने भी पुलिस प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना की और उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।





