





पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेल्डा थाना क्षेत्र के सशिंदा इलाके में बुधवार सुबह उस समय तनाव फैल गया जब एक राइस मिल के पास जमीन के नीचे से अचानक एक शिवलिंग प्रकट होने की खबर फैली।



क्या है पूरा मामला?

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सर्वमंगला राइस मिल के पास स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप कुछ लोगों को जमीन के भीतर एक शिवलिंग दिखाई दिया। जैसे ही यह खबर क्षेत्र में फैली, भारी संख्या में लोग वहां एकत्र होने लगे और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई।
हालाँकि, यह भक्ति का माहौल जल्द ही विवाद में बदल गया। स्थानीय बजरंग सोसाइटी ने आरोप लगाया है कि यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि जमीन कब्जाने की एक सोची-समझी साजिश थी।
साजिश का आरोप और विरोध:
बजरंग सोसाइटी के सदस्यों, जिनमें राजू दास भी शामिल हैं, का दावा है कि कुछ बाहरी व्यक्तियों ने जानबूझकर वहां शिवलिंग रखा ताकि लोगों की धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया जा सके।
सोसाइटी के सदस्यों ने बताया:
सुबह कुछ युवकों ने “दूध जैसा तरल पदार्थ” जमीन से निकलते देखने का दावा किया।
बाद में वहां शिवलिंग होने की बात कही गई।
बजरंग सोसाइटी का आरोप है कि इस औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल बेल्ट) में प्रमोटरी और अवैध कब्जे के उद्देश्य से यह ढोंग रचा गया था।
शिवलिंग को हटाया गया:
विवाद और तनाव बढ़ता देख, स्थिति बिगड़ने से पहले ही शिवलिंग को वहां से हटाकर किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। स्थानीय निवासियों और बजरंग सोसाइटी के सदस्यों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़” बताया है।
फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है, लेकिन इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।










