





कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 52 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में उत्तर बंगाल के साथ-साथ जंगलमहल, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्द्धमान और पूर्व मेदिनीपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले शामिल हैं।



नंदीग्राम में हाई-प्रोफाइल मुकाबला

पहले चरण के मतदान में सबकी नजरें नंदीग्राम सीट पर टिकी हैं, जहाँ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार पवित्र कर के बीच कड़ा मुकाबला है। सुबह साढ़े सात बजे शुभेंदु अधिकारी ने नन्दनयाकबाड़ि प्राथमिक विद्यालय में अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे। वहीं, पवित्र कर के भी बयाल के सुब्रनाथ प्राथमिक विद्यालय में मतदान करने की खबर है।
आसनसोल और दुर्गापुर में EVM को लेकर हंगामा
मतदान शुरू होने से पहले ही कई जगहों से ईवीएम (EVM) में खराबी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए:
आसनसोल (जामुरिया): आधी रात को जामुरिया के श्रीपुर मोड़ पर एक ढाबे के बाहर खड़ी गाड़ी में असुरक्षित तरीके से रखी गई 4 रिजर्व ईवीएम मिलने पर भारी हंगामा हुआ। स्थानीय उम्मीदवारों ने सेक्टर ऑफिसर को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में अर्धसैनिक बलों ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला।
दुर्गापुर: दुर्गापुर पश्चिम विधानसभा के सिद्धू कानू इंडोर स्टेडियम स्थित मॉडल पोलिंग बूथ पर ईवीएम में बैटरी न होने के कारण मॉक पोल समय पर शुरू नहीं हो सका।
सिलीगुड़ी: सिलीगुड़ी के रामकृष्ण पाठशाला और जगदीश हाई स्कूल के बूथों पर भी ईवीएम खराब होने की सूचना मिली, जिससे मतदान प्रक्रिया में देरी हुई।
हिंसा और आरोप-प्रत्यारोप
दक्षिण कांथी: यहाँ बेतालिया बूथ पर रात के अंधेरे में धारदार हथियारों के साथ कुछ बदमाशों के घूमने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने एक संदिग्ध को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है, जबकि दो अन्य फरार हो गए।
नंदकुमार: यहाँ टीएमसी उम्मीदवार सुकुमार दे पर ‘फर्जी ईवीएम’ के साथ प्रचार करने का आरोप लगा है, जिसे लेकर ग्रामीणों ने उनका घेराव किया। हालांकि, इस पर अभी तक उम्मीदवार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की है। हर बूथ पर कम से कम 4 केंद्रीय जवान तैनात हैं। साथ ही, इस बार कड़ाई से ‘100 मीटर की लक्ष्मण रेखा’ का नियम लागू किया गया है, जिसके भीतर केवल मतदाताओं को ही प्रवेश की अनुमति है।
सुबह से ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जो लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
के जी पी न्यूज संवाददाता द्वारा प्रेषित






