बीएमएस ने मनाया स्थापना दिवस, मजदूरों के हितों की रक्षा का लिया संकल्प

July 23, 2026 6:15 PM

 

खड़गपुर। खड़गपुर स्थित रेशमी मेटालिक्स-1 के मुख्य गेट के सामने शुक्रवार को भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) का स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बीएमएस के संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी, भगवान विश्वकर्मा और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। साथ ही बीएमएस का ध्वजारोहण भी किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीएमएस के जिला अध्यक्ष विप्लव ने कहा कि संगठन हमेशा मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि “हमारे लिए सबसे पहले देश, उसके बाद श्रमिक संगठन और फिर श्रमिक हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की कई यूनियनें अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर सकीं, जिसके कारण मजदूरों का शोषण हुआ। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बीएमएस अब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।

विप्लव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास को गति देने का प्रयास कर रही है तथा जूट मिलों सहित अन्य बंद उद्योगों को दोबारा शुरू करने की दिशा में काम किया जा रहा है, जिससे लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योगों का चलना आवश्यक है, क्योंकि उद्योग चलेंगे तभी मजदूरों को रोजगार और उनके हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

उन्होंने बताया कि भारतीय मजदूर संघ की स्थापना वर्ष 1955 में दत्तोपंत ठेंगड़ी ने की थी और आज यह संगठन देशभर में सक्रिय होकर श्रमिकों के हित में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि खड़गपुर के अलावा डेबरा, शालबनी सहित विभिन्न क्षेत्रों में भी स्थापना दिवस मनाया गया।

कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों के बीच मिठाइयों का वितरण किया गया। इस अवसर पर रेशमी मेटालिक्स कैजुअल वर्कर यूनियन के सलाहकार जी. रवि कुमार, उपाध्यक्ष अजय शर्मा, सचिव बीर सिंह दास, सह सचिव के. महेश्वर राव सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी और संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

খড়গপুর। ভারতীয় মজদুর সংঘ (বিএমএস) শুক্রবার খড়গপুরের রেশমি মেটালিকস-১ এর প্রধান ফটকের সামনে তাদের প্রতিষ্ঠা দিবস উদযাপন করেছে। বিএমএস-এর প্রতিষ্ঠাতা দত্তোপন্ত থেঙ্গাড়ি, ভগবান বিশ্বকর্মা এবং ভারত মাতার প্রতিকৃতিতে মালা অর্পণের মাধ্যমে অনুষ্ঠানটি শুরু হয়। বিএমএস-এর পতাকাও উত্তোলন করা হয়।

অনুষ্ঠানে ভাষণ দিতে গিয়ে বিএমএস-এর জেলা সভাপতি বিপ্লব বলেন, সংগঠনটি সর্বদা শ্রমিকদের স্বার্থ রক্ষায় প্রতিশ্রুতিবদ্ধ। তিনি বলেন, “আমাদের কাছে দেশ প্রথমে, তারপর শ্রমিক সংগঠন এবং তারপর শ্রমিক।” তিনি অভিযোগ করেন যে, পূর্ববর্তী অনেক ইউনিয়ন তাদের দায়িত্ব সঠিকভাবে পালন করতে ব্যর্থ হয়েছে, যার ফলে শ্রমিকদের শোষণ করা হয়েছে। তিনি আশ্বাস দেন যে, বিএমএস এখন শ্রমিকদের অধিকার রক্ষার জন্য প্রতিটি স্তরে লড়াই করবে।

বিপ্লব বলেন, রাজ্য সরকার শিল্প উন্নয়নকে ত্বরান্বিত করার জন্য সচেষ্ট এবং কর্মসংস্থানের সুযোগ সৃষ্টির লক্ষ্যে পাটকলসহ বন্ধ হয়ে যাওয়া শিল্পগুলো পুনরায় চালু করার জন্য কাজ করছে। তিনি বলেন যে রাজ্যে শিল্পকারখানা চালু থাকা অপরিহার্য, কারণ শিল্পকারখানা চালু থাকলেই শ্রমিকদের কর্মসংস্থান নিশ্চিত হবে এবং তাদের স্বার্থ সুরক্ষিত থাকবে।

তিনি ব্যাখ্যা করেন যে ভারতীয় মজদুর সংঘ ১৯৫৫ সালে দত্তোপন্ত থেংগাড়ি দ্বারা প্রতিষ্ঠিত হয়েছিল এবং আজ সংগঠনটি সারা দেশে শ্রমিকদের কল্যাণে সক্রিয়ভাবে কাজ করছে। তিনি বলেন যে খড়গপুর ছাড়াও ডেবরা এবং শালবানি সহ বিভিন্ন এলাকায় প্রতিষ্ঠা দিবস উদযাপন করা হয়েছে।

অনুষ্ঠানের শেষে কর্মচারীদের মধ্যে মিষ্টি বিতরণ করা হয়। রেশমি মেটালিক্স ক্যাজুয়াল ওয়ার্কার্স ইউনিয়নের উপদেষ্টা জি. রবি কুমার, সহ-সভাপতি অজয় ​​শর্মা, সচিব বীর সিং দাস এবং যুগ্ম সচিব কে. মহেশ্বর রাও সহ বিপুল সংখ্যক কর্মচারী এবং সংগঠনের কর্মকর্তারা এই অনুষ্ঠানে উপস্থিত ছিলেন।

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