






कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद राज्य में एक अभूतपूर्व राजनीतिक गतिरोध पैदा हो गया है। तीन कार्यकाल तक सत्ता में रहने के बाद, चुनावी नतीजों में भाजपा से पिछड़ने के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पद से इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को “जनादेश की लूट” करार देते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं।



”मैं इस्तीफा नहीं दूंगी”


एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, “मैं नहीं हारी हूं, इसलिए मैं राजभवन नहीं जाऊंगी और न ही अपना इस्तीफा सौंपूंगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनावों में “प्रत्यक्ष हस्तक्षेप” किया है। उन्होंने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां चुनाव ‘चुराए’ गए, वैसा ही बंगाल में भी किया गया है।
चुनाव आयोग पर तीखा हमला
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे भाजपा का असली प्रतिद्वंद्वी बताया। उन्होंने दावा किया कि उनकी भवानीपुर विधानसभा सीट और पूरे राज्य में लगभग 100 सीटों पर धांधली की गई है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए एक “गलत संदेश” बताया और कहा कि जब न्यायपालिका और चुनाव आयोग जैसे संस्थान पक्षपाती हो जाते हैं, तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाता है।
शारीरिक शोषण का आरोप
मुख्यमंत्री ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा कि मतदान केंद्र पर उनके साथ बदसलूकी और शारीरिक मारपीट की गई। उन्होंने बताया, “मुझे पेट और पीठ पर लात मारी गई। उस समय सीसीटीवी बंद कर दिए गए थे और मुझे काउंटिंग स्टेशन से बाहर धकेल दिया गया।” उन्होंने कहा कि एक महिला के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है।
राहुल गांधी का समर्थन
इस संकट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ममता बनर्जी के आरोपों का समर्थन किया है। उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए कहा कि असम और बंगाल में जो हुआ वह “जनादेश की चोरी” है। उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मामला किसी एक पार्टी का नहीं, बल्कि पूरे देश का है।
आगे की राह और संवैधानिक संकट
वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने जैसी स्थिति बन सकती है। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि यदि विजेता पार्टी (भाजपा) सरकार बनाने का दावा पेश करती है, तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं।
ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी इन घटनाओं की जांच के लिए पांच सांसदों की एक ‘फैक्ट-फाइंडिंग’ कमेटी बनाएगी, जो उन क्षेत्रों का दौरा करेगी जहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है।
यह तस्वीर फेसबुक से ली गई है।





