





कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में नई ‘अन्नपूर्णा योजना’ (Annapurna Yojana) को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। बुधवार को राज्य सचिवालय ‘नवान्न’ में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने योजना के फॉर्म भरने और उसकी सत्यता जांच (वेरिफिकेशन) से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा की। यह पूरा प्रभार राज्य की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पाल और उनका विभाग संभाल रहा है।



क्यों पड़ी नई वेरिफिकेशन की जरूरत?

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछली ‘लक्खीर भंडार’ (Lakshmir Bhandar) योजना की लाभार्थी सूची में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और अनियमितताएं पाई गई हैं। जांच में लगभग 30 लाख ऐसे नाम सामने आए हैं जो पूरी तरह फर्जी या अस्तित्वहीन हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मृत व्यक्तियों, गैर-भारतीय नागरिकों और यहां तक कि पुरुषों के नाम भी महिलाओं के लिए आरक्षित इस सूची में शामिल थे। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बहरामपुर के राधारघाट की एक ग्राम पंचायत का जिक्र किया, जहां मंसूर शेख के बेटे रकीबुल शेख का नाम इस योजना में शामिल पाया गया।
किन लोगों का नाम सूची से कटेगा?
सरकार ने साफ कर दिया है कि जो लोग गैर-भारतीय हैं या जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। मतदाता सूची से बाहर हो चुके और ट्रिब्यूनल में अपील न करने वाले लगभग 30 लाख लोगों को अब भविष्य में यह पैसा नहीं मिलेगा। केवल वास्तविक भारतीय नागरिकों और राज्य के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को ही यह सहायता सुनिश्चित करने के लिए नए सिरे से वेरिफिकेशन किया जा रहा है। हालांकि, जिन्होंने CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) पोर्टल पर आवेदन किया है या जिनकी अपील ट्रिब्यूनल में लंबित है, उन्हें इसमें अपवाद माना जाएगा।
1 जून से शुरू होगी 90 दिनों की आवेदन प्रक्रिया
मुख्यमंत्री के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया आगामी 1 जून से शुरू होगी और यह लगातार 90 दिनों तक चलेगी। नए फॉर्म में परिवार की विस्तृत जानकारी मांगी गई है ताकि भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं में भी इसका उपयोग किया जा सके।
आवेदन प्रक्रिया की मुख्य बातें:
आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकेगा।
जो लोग किसी भी कारण से फॉर्म भरने में असमर्थ होंगे, उनके लिए सरकारी अधिकारी घर-घर जाकर फॉर्म भरने में सहयोग करेंगे।
स्थानीय विधायक भी आम जनता की मदद करेंगे।
सरकार की ओर से आगामी 15, 16 और 17 जून को ‘जनकल्याण शिविर’ आयोजित किए जाएंगे, जहां फॉर्म भरने में विशेष सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्य सचिव और वित्त सचिव के नेतृत्व में अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे।
लक्खीर भंडार से अन्नपूर्णा योजना में बदलाव
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि जब तक अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म भरने और नाम पंजीकरण का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक पुरानी ‘लक्खीर भंडार’ योजना चालू रहेगी। जिन लाभार्थियों का नाम 2 जून तक पंजीकृत हो जाएगा, उन्हें जून महीने से ही अन्नपूर्णा योजना के तहत राशि मिलने लगेगी और उसी समय से उनका ‘लक्खीर भंडार’ बंद हो जाएगा।






