





टीएमसी के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को आज मेदिनीपुर अदालत में पेश किया गया। पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए 14 दिनों की रिमांड की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 दिनों की पुलिस हिरासत की मंजूरी दी है।



आरोपी के खिलाफ मुख्य रूप से धोखाधड़ी (धारा 420) और संपत्ति के गबन का आरोप है। इसके साथ ही उन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 409 और 467 सहित कई अन्य गैर-जमानती धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।

क्या हैं मुख्य आरोप?
- सरकारी जमीन की अवैध बिक्री: आरोप है कि साल 2021 में सालबनी थाना क्षेत्र में अध्यक्ष पद पर रहते हुए आरोपी ने अपने पद का भारी दुरुपयोग किया। उन्होंने कथित तौर पर कई सरकारी जमीनों को अवैध रूप से निजी (रैयती) संपत्ति में तब्दील कर दिया और बाद में उन्हें प्लॉट बनाकर बेच दिया।
- लाखों रुपये की ठगी: इसके अलावा एक और गंभीर आरोप यह है कि उन्होंने एक व्यक्ति से कारखाने के लिए जमीन दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये लिए थे। लेकिन न तो उस व्यक्ति को जमीन दी गई और न ही अब तक वह रकम वापस लौटाई गई है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और अगली सुनवाई में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
इधर सजा ए की गिरफ्तारी के बाद आज मेदिनीपुर अदालत में स्थानीय लोग व भाजपा कार्यकर्ता अंडे लेकर पहुंचे थे। उन लोगोंका कहना था कि भ्रष्ट लोग अंडे खाने के ही काबिल है।







