






कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद इस साल की दुर्गा पूजा बेहद खास होने वाली है। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद यह पहली दुर्गा पूजा है, जिसे लेकर लोगों में काफी उत्साह और उत्सुकता है। इस बीच, राज्य सरकार ने पूजा के दौरान स्कूलों और कॉलेजों की छुट्टियों के साथ-साथ पूजा समितियों को दिए जाने वाले आर्थिक अनुदान को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।


दुर्गा पूजा पर लंबी छुट्टियां:

राज्य सरकार ने इस साल दुर्गा पूजा के मौके पर स्कूल और कॉलेजों में लंबी छुट्टियों का ऐलान किया है। जानकारी के अनुसार, छुट्टियां महाचतुर्थी से शुरू होकर भाई दूज तक चल सकती हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से कोई विस्तृत अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि पिछले सालों की तरह ही इस बार भी शिक्षण संस्थान एक लंबी अवधि के लिए बंद रहेंगे।
इस साल दुर्गा पूजा 16 अक्टूबर (महाषष्ठी) से शुरू होकर 21 अक्टूबर (विजयादशमी) तक चलेगी। तिथियों का विवरण कुछ इस प्रकार है:
महालय: 10 अक्टूबर (शनिवार)
महाषष्ठी: 16 अक्टूबर (शुक्रवार)
महासप्तमी: 18 अक्टूबर (रविवार)
महाअष्टमी: 19 अक्टूबर (सोमवार)
महानवमी: 20 अक्टूबर (मंगलवार)
विजयादशमी: 21 अक्टूबर (बुधवार)
पूजा अनुदान में बदलाव की संभावना:
पिछली सरकार के कार्यकाल में राज्य की सभी दुर्गा पूजा समितियों को एक निश्चित आर्थिक अनुदान दिया जाता था। हालांकि, राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार सभी समितियों को समान रूप से अनुदान नहीं दिया जाएगा।
मिली जानकारी के अनुसार, सरकार केवल उन्हीं पूजा समितियों को आर्थिक सहायता देने पर विचार कर रही है, जिन्हें वास्तव में इसकी आवश्यकता है। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि नबन्ना (राज्य सचिवालय) में इस बात पर चर्चा चल रही है कि जिन पूजा समितियों का बजट 10 लाख रुपये से कम है, केवल उन्हीं को अनुदान दिया जाए।
इस विषय पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि वित्त विभाग के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री इस पर अंतिम मुहर लगाएंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार का यह फैसला कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों में दुर्गा पूजा के आयोजन को किस तरह प्रभावित करता है।





