






डेबरा: राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात हुए एक भयानक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गई। यह दुर्घटना पश्चिम बंगाल के डेबरा थाना क्षेत्र अंतर्गत चांदाबुड़ी मंदिर के पास कोलकाता की ओर जाने वाली लेन में हुई।


नियंत्रण खोने से हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना देर रात करीब 2:30 बजे घटी। एक निजी कार (पंजीकरण संख्या: WB34 AS 5028) खड़गपुर से डेबरा की ओर जा रही थी। चांदाबुड़ी मंदिर के समीप पहुंचते ही कार चालक ने अचानक वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार आगे चल रहे एक अज्ञात वाहन के पिछले हिस्से में जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
हादसे में कार चालक और उसमें सवार एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर राहत कार्य शुरू कर दोनों को तुरंत डेबरा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (Debra SSH) ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- अरुण सुर (47वर्ष) – कार चालक जीजा
- अभिषेक सिन्हा (24 वर्ष) – सह-यात्री साला
मृतक का अंत परीक्षण करा शव परिजन को सौंप दिया है।
अरुण बालिचक के ठाकुरचक इलाके के रहने वाले थे जबकि अभिषेक चंद्रकोणा रोड थाना इलाके के रहने वाले थे। पता चला कि अभिषेक की शादी नहीं हुई है व उसके पिता आर्मीके रिटायर्ड कर्मी है।
स्थानीय प्रशासन ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटाकर मार्ग पर यातायात को सुचारू कर दिया है और वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य है। पुलिस अज्ञात वाहन और दुर्घटना के अन्य कारणों की जांच में जुटी है।
खड़गपुर में 42 वर्षीय कारोबारी का फंदे से झूलता शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस
खड़गपुर शहर के वार्ड संख्या 33 स्थित ओल्ड चित्तरंजन स्पोर्टिंग क्लब के समीप रहने वाले 42 वर्षीय आलोक कर्मकार का शव आज सुबह उनके कमरे में पंखे से फंदे के सहारे झूलता हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया। अंत्यपरीक्षण के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, आलोक कर्मकार पेशे से कारोबारी और सोने के कारीगर थे। वह दीघा में अपना व्यवसाय चलाते थे तथा वहां उन्होंने एक होटल भी बना रखा था। उनकी पत्नी और दो बच्चे खड़गपुर के तालबगीचा इलाके में रहते हैं। राखी म
आलोक राखी उत्सव में घर आया था व दो-तीन दिनों में उसे वापस काम पर जाना था लेकिन इस बीच दुखद घटना घट गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, आलोक कर्मकार एक-दो महीने के अंतराल पर खड़गपुर आकर अपने परिवार से मिलते थे और फिर वापस दीघा चले जाते थे। आज सुबह उनका शव कमरे में पंखे से फंदे के सहारे झूलता हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
हालांकि, आलोक कर्मकार ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।






