






कोलकाता: बंगाल में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से ‘औद्योगिक भूमि आवंटन 2026’ (Industrial Land Allotment 2026) के तहत एक व्यापक खाका प्रस्तुत किया गया है। इस योजना के जरिए राज्य के प्रमुख आर्थिक व औद्योगिक क्षेत्रों में आधुनिक उद्योगों की स्थापना को प्राथमिकता दी जा रही है।


33 नई औद्योगिक इकाइयों को मिली भूमि

जारी विवरण के अनुसार, राज्यभर में कुल 580 एकड़ भूमि पर 33 नई औद्योगिक इकाइयां आवंटित की गई हैं। इन इकाइयों की स्थापना के साथ 60,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तावित निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है। इस बड़े पैमाने के निवेश से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सेवा क्षेत्र को नई गति मिलने की संभावना है।
62,000 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार
परियोजना का मुख्य केंद्र बिंदु स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन है। अनुमान है कि इन औद्योगिक परियोजनाओं के पूरी तरह से शुरू होने के बाद लगभग 62,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय कार्यबल और युवाओं को राज्य में ही बेहतर आजीविका के विकल्प उपलब्ध हो सकेंगे।
किन प्रमुख केंद्रों (Key Hubs) पर रहेगा फोकस?
इस औद्योगिक विस्तार के लिए राज्य के रणनीतिक और रणनीतिक रूप से जुड़े प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों का चयन किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
खड़गपुर (Kharagpur)**
पानागढ़ (Panagarh)**
रघुनाथपुर (Raghunathpur)**
कल्याणी (Kalyani)**
हरिणघाटा (Haringhata)**
साल्ट लेक (Salt Lake)**
भूमि आवंटन और निवेश अनुकूल नीतियों के जरिए इन केंद्रों को राज्य के प्रमुख औद्योगिक गलियारे के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। आने वाले समय में यह कदम राज्य के आर्थिक परिदृश्य को सुदृढ़ बनाने और व्यापार अनुकूल माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।





