






खड़गपुर: शहर में हाल ही में हुई गोलीबारी की घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने अहम खुलासा किया है। शुरुआती जांच और पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि यह घटना किसी गैंगवार या सुनियोजित हमले का हिस्सा नहीं थी, बल्कि घर के भीतर गलती से हुई फायरिंग का परिणाम थी।


पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सूचना मिलते ही पुलिस की पांच विशेष टीमों का गठन किया गया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ इलाके के लोगों से पूछताछ शुरू की गई। घटना के समय घायल बच्चे को सागर कुमार नामक युवक द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया था। जांच के दौरान सागर के बयानों में कई असंगत बातें पाई गईं, जिसके बाद उससे कड़ाई से पूछताछ की गई।

गहन जांच में सामने आया कि सागर कुमार के पिता (प्रसाद) पूर्व में एक गिरोह से जुड़े थे। उनकी मृत्यु के बाद एक 9mm गैर-लाइसेंसी हथियार घर पर ही रखा हुआ था। घटना के दिन जब सागर कुछ समय के लिए वॉशरुम गया, तभी घर पर मौजूद एक नाबालिग बच्चे के हाथ में वह हथियार लग गया और दुर्घटनावश गोली चल गई। हादसे के बाद घबराहट में सागर ने अपने दो साथियों—पोला योगेश्वर राव उर्फ चिंटू और विशाल जाना—को मौके पर बुलाया। इसके बाद साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई और बच्चे को अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से खून से सने कपड़े, तीन राउंड जिंदा कारतूस और अवैध हथियार बरामद कर लिया है। इस मामले में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सागर कुमार (23), पोला योगेश्वर राव (23) और विशाल जाना को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि एक अन्य सहयोगी की तलाश जारी है।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्षेत्र में किसी भी तरह के अपराध या गैंगवार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ निरंतर तलाशी अभियान और सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।







