






कोलकाता: चोरबागान में मची भगदड़ और उससे हुई मौतों के मामले में पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने इन गिरफ्तारियों की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि इस मामले में असली आरोपियों को बचाने के लिए बेकसूर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।


इसी मुद्दे को लेकर पार्टी नेता कुणाल घोष गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे थाने की सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए। कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि चोरबागान हादसे के खिलाफ जिन लोगों ने आवाज उठाई और थाने आकर प्रदर्शन किया था, चुन-चुनकर उन्हीं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा रहा है।

धरने के दौरान उन्होंने कहा, “असली अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि बेकसूर लोगों पर झूठे आरोप लगाकर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है।” कुछ देर बाद थाने के प्रभारी (OC) बाहर आए और उन्हें बातचीत के लिए अंदर ले गए।
थाने के बाहर बीजेपी का पलटवार और नारेबाजी
कुणाल घोष के थाने पहुंचने की खबर मिलते ही स्थानीय बीजेपी नेता और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में आमहर्स्ट स्ट्रीट थाने के बाहर जमा हो गए। उन्होंने कुणाल घोष के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और ‘देशद्रोही’ तथा ‘देशविरोधी’ जैसे नारे लगाए।
बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि स्थानीय विधायक न होने के बावजूद कुणाल घोष इस मामले में हस्तक्षेप करने क्यों आए हैं। बीजेपी का आरोप है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वाले और देशविरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर ‘देशद्रोही कुणाल घोष भारत छोड़ो’ के नारे भी लगाए। हालांकि, बीजेपी के इन नारों और विरोध पर कुणाल घोष की तरफ से कोई प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।







