






खड़गपुर: खड़गपुर शहर के खरीदा इलाके में स्थित क्लॉक/वॉच टावर के ऊपर लगे ‘विश्व बांग्ला’ के ग्लोब और प्रतीक चिह्न (लोगो) को हटाए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। नगरपालिका प्रशासन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।


गुरुवार सुबह पालिका कर्मियों द्वारा टावर के ऊपर से ‘विश्व बांग्ला’ का लोगो और ग्लोब उतार लिया गया। तृणमूल नेता देवाशीष चौधरी उर्फ ‘मुना मुन’ ने इस पूरी प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बताया कि पिछली रात नगरपालिका चेयरपर्सन कल्याणी घोष ने उन्हें फोन पर जानकारी दी थी कि सरकार की आपत्ति के बाद इस ढांचे को हटाया जा रहा है।

देवाशीष चौधरी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से यह ग्लोब और बांग्ला लिपि का ‘ब’ (विश्व बांग्ला प्रतीक) वहां स्थापित था और इससे कभी किसी को कोई असुविधा नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को बांग्ला भाषा और उसकी पहचान से ही एलर्जी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर ‘ब’ से इतनी आपत्ति है, तो फिर ‘म’ से भी दिक्कत होगी—क्या इसी वजह से मां-बहनों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं जैसे वृद्धा भत्ता, विधवा पेंशन और अन्नपूर्णा भंडार जैसी योजनाओं के लाभ में देरी की जा रही है?
उन्होंने आगे कहा कि यदि पुरानी सरकारों के कार्यों और प्रतीकों को मिटाना ही राजनीति है, तो कोलकाता का ‘मां’ फ्लाईओवर, ‘जंगलकन्या सेतु’ या फिर औरंगजेब के समय की ऐतिहासिक इमारतों को भी हटा देना चाहिए। तृणमूल नेता ने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, महंगाई, बैंक खातों से कटते पैसे और वोटर्स लिस्ट से नाम हटाए जाने जैसे गंभीर जनमुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
फिलहाल, वॉच टावर से ‘विश्व बांग्ला’ लोगो हटाए जाने की घटना पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है।






