






पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में चल रही एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची नवीनीकरण को लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। मेदिनीपुर में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा के जिला अध्यक्ष सौमेन तिवारी ने विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रामक प्रचार पर कड़ा ऐतराज जताया और स्थिति स्पष्ट की।


प्रेस वार्ता में कहा गया कि एसआईआर की प्रक्रिया पिछले लगभग एक वर्ष से 12 राज्यों में चल रही है। निर्वाचन आयोग की ओर से हाल ही में जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत प्रशासनिक स्तर पर काम सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि विपक्ष निराधार दावों और अदालती फैसलों का गलत हवाला देकर जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है, जबकि यह पूरी तरह से एक प्रशासनिक और संस्थागत प्रक्रिया है, न कि किसी एक व्यक्ति या दल का निर्णय।

घर-घर जाकर होगा सत्यापन कार्य
प्रेस वार्ता में हालिया आधिकारिक अधिसूचना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि जिन नागरिकों के नाम या दस्तावेज संबंधी कुछ त्रुटियां रह गई हैं या जिनका नाम सूची में दर्ज नहीं हो सका है, उनके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। निर्वाचन कर्मियों (बीएलओ) द्वारा सीधे घर-घर जाकर आवश्यक सत्यापन और डेटा अपलोड करने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी विशेष परिस्थिति में किसी को बुलाया जाता है और संबंधित व्यक्ति उपस्थित होने में असमर्थ है, तो परिवार के वरिष्ठ सदस्य भी प्रक्रिया में सहयोग कर सकते हैं।
विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का उल्लेख
नेताओं ने दावा किया कि राज्य सरकार ने अपनी अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं और प्रतिबद्धताओं को 98 से 99 प्रतिशत तक सफलतापूर्वक लागू किया है। विपक्ष के पास अब कोई ठोस राजनीतिक मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाकर जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जनता से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
इस सम्मेलन में क्षेत्रीय विधायक और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस विषय पर अपना पक्ष रखा।





