





पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद दिलीप घोष ने सत्ताधारी दल टीएमसी और प्रशासनिक अधिकारियों पर जमकर निशाना साधा। अपने चिरपरिचित आक्रामक अंदाज में घोष ने भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी।



भ्रष्टाचार और अपराधीकरण पर प्रहार:-

दिलीप घोष ने टीएमसी नेताओं पर गुंडा माफियाओं के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक अपराधी को उन्होंने चुनौती दी थी, जिसे बाद में केरल भेज दिया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो लोग जनता को डराएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। घोष ने कहा, “दिलीप घोष ने उन लोगों की आंखों में आंखें डालकर बात की है जिनसे लोग डरते थे, और आगे भी यह जारी रहेगा।”
प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी:-
सांसद ने एक महिला एडीआरएम (ADRM) का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वह स्थानीय लोगों और रेलवे कर्मचारियों को परेशान कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि जनता की शिकायतों के बाद उनके हस्तक्षेप के कारण उस अधिकारी का महज दो मिनट में तबादला कर दिया गया।
घोष के भाषण की मुख्य बातें:
•जनता का साथ: खड़गपुर की जनता ने गुंडागर्दी और डाकुओं के हिसाब-किताब के लिए ही उन्हें चुना है।
•अधिकारियों को नसीहत: अधिकारी अपनी नौकरी ईमानदारी से करें और किसी दल के ‘चमचे’ बनकर काम न करें।
•कठोर कार्रवाई: उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई जनता को तंग करेगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
“हम शांतिप्रिय लोग हैं, लेकिन अगर हमारे लोगों या जनता को परेशान किया गया, तो हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं।” — दिलीप घोष




