





पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बंगाल के पूर्व टीएमसी (TMC) नेता हुमायूं कबीर की नवगठित पार्टी ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ (AJUP) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का बड़ा ऐलान किया है। इस नए राजनीतिक गठजोड़ का मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय के राजनीतिक नेतृत्व को मजबूत करना और उन्हें एक सशक्त विकल्प प्रदान करना है।



कोलकाता में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ओवैसी ने मौजूदा राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया और दावा किया कि बंगाल में अल्पसंख्यक समुदाय अब राजनीतिक बदलाव चाहता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के मुख्य बिंदु:
- मौजूदा नेतृत्व पर निशाना: ओवैसी ने कहा कि बंगाल के मुसलमान मौजूदा नेतृत्व के तहत “घुटन” महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों ने मुसलमानों का इस्तेमाल सिर्फ एक ‘वोट बैंक’ के रूप में किया है, लेकिन उन्हें शिक्षा, रोजगार और सच्चा नेतृत्व देने में वे पूरी तरह से विफल रहे हैं।
- OBC प्रमाणपत्रों का मुद्दा: उन्होंने हाल ही में लगभग 5 लाख ओबीसी (OBC) प्रमाणपत्रों के रद्द होने का मुद्दा उठाया, जिनमें से बड़ी संख्या में मुसलमानों के प्रमाणपत्र थे। ओवैसी ने इसे राज्य सरकार की घोर विफलता करार दिया।
- ‘एम-टीम’ का नारा: टीएमसी (TMC) द्वारा ओवैसी और कबीर को बीजेपी की ‘बी-टीम’ (B-Team) कहे जाने पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि वे बंगाल के मुसलमानों की ‘एम-टीम’ (M-Team) हैं। उनका मुख्य फोकस समानता, आत्मसम्मान और समुदाय के लिए उचित प्रतिनिधित्व हासिल करना है।
कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा यह गठबंधन?
हुमायूं कबीर (जिन्हें कुछ समय पहले टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया था और जिन्होंने अपनी खुद की पार्टी AJUP बनाई थी) ने स्पष्ट किया है कि उनका गठबंधन एक मजबूत ताकत बनकर उभरेगा।
- सीटों का बंटवारा: हुमायूं कबीर की AJUP ने राज्य की 294 विधानसभा सीटों में से 182 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। इसी में से एआईएमआईएम (AIMIM) को कुछ चुनिंदा सीटें दी जाएंगी।
- रणनीति: यह गठबंधन मुख्य रूप से मालदा, मुर्शिदाबाद और बीरभूम जैसे मुस्लिम बहुल जिलों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है।
- हाई-प्रोफाइल टक्कर: चौंकाने वाली बात यह है कि AJUP ने भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी बेहद हाई-प्रोफाइल सीटों पर भी अपने मजबूत उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है।

KGP News का चुनावी विश्लेषण:
पश्चिम बंगाल में लगभग 27% से 30% मुस्लिम मतदाता हैं, जो राज्य की सत्ता तय करने में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। अब तक यह वोट बैंक मुख्य रूप से सत्तारूढ़ टीएमसी के साथ खड़ा रहा है। लेकिन KGP News के विश्लेषण के अनुसार, ओवैसी और हुमायूं कबीर का यह गठबंधन अगर अल्पसंख्यक वोटों में थोड़ी भी सेंध लगाने में कामयाब होता है, तो इससे आने वाले चुनावों के परिणाम काफी हद तक प्रभावित हो सकते हैं।
KGP News की इस खास रिपोर्ट में फिलहाल इतना ही। चुनाव से जुड़ी हर निष्पक्ष और सटीक खबर के लिए हमारे साथ बने रहें।






