





पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होने जा रहा है। चुनाव आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पहले चरण की चुनावी जंग के लिए कुल 1586 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन पत्र दाखिल किए हैं।



चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों से इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने अपने आवेदन जमा किए हैं। पहले चरण में राज्य के जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है, वहां सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, मुख्य विपक्षी दल भाजपा और वाम-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच कड़े मुकाबले के संकेत मिल रहे हैं।

नामांकन प्रक्रिया का विवरण:
पहले चरण के इस चुनाव में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपने दिग्गज उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। 1586 उम्मीदवारों में जहां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हैं, वहीं एक बड़ा हिस्सा निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में भी चुनाव लड़ रहा है। आयोग मंगलवार को जमा किए गए नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की। नियमों के अनुसार विसंगति पाए जाने पर संबंधित उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जा सकता है। नामांकन वापस लेने के लिए 9 अप्रैल यानी गुरुवार अंतिम दन है जिसके बाद उम्मीदवारों की अंतिम सूची स्पष्ट हो जाएगी।
सुरक्षा और तैयारी:
पहले चरण के मतदान को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाने के लिए चुनाव आयोग कड़े सुरक्षा इंतजाम कर रहा है। संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय बलों की तैनाती की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। बूथों पर सीसीटीवी कैमरे और मतदाताओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहले चरण का यह मतदान राज्य के अगले चरणों के चुनावों का मिजाज तय करेगा। इसलिए सभी दलों ने अब प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।







