





मुख्य बातें:



- खड़गपुर, आईआईटी (IIT) और सबसे बड़े रेलवे जंक्शन का घर होने के बावजूद हवाई अड्डे से वंचित।
- वर्तमान में लोगों को हवाई यात्रा के लिए कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे पर निर्भर रहना पड़ता है।
- मंत्री दिलीप घोष ने हवाई अड्डे के निर्माण की प्रक्रिया को लेकर दिया सकारात्मक आश्वासन।
विस्तृत खबर:

पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में एक नए नागरिक हवाई अड्डे के निर्माण की मांग एक बार फिर से तेज हो गई है। पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, पुरुलिया और झाड़ग्राम जिलों के लाखों लोगों की यह एक पुरानी और प्रमुख मांग रही है। वर्तमान स्थिति यह है कि इन जिलों के निवासियों को हवाई यात्रा के लिए कोलकाता के दमदम हवाई अड्डे का ही रुख करना पड़ता है। दूर-दराज के इलाकों से कोलकाता पहुंचने में आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है और उनका काफी समय भी बर्बाद होता है।
खड़गपुर महज एक शहर नहीं है, बल्कि शिक्षा, संचार और रेलवे व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां देश का प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान ‘आईआईटी खड़गपुर’ (IIT Kharagpur) स्थित है और यह एशिया के सबसे बड़े रेलवे जंक्शनों में से एक है। इतने महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद अब तक यहां कोई नागरिक हवाई अड्डा विकसित नहीं हो पाया है, जिसे लेकर विभिन्न हलकों से लंबे समय से असंतोष और मांगें उठ रही हैं।
हाल ही में, खड़गपुर न्यू सेटलमेंट बालाजी मंदिर समिति ने इस मांग को फिर से प्रमुखता से उठाया है। समिति का कहना है कि खड़गपुर में हवाई अड्डा बनने से न केवल शहर, बल्कि आसपास के जिलों के लोगों को भी व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक लाभ मिलेगा।
समिति के अनुसार, अतीत में भी राज्य सरकार और स्थानीय सांसद के समक्ष यह मांग रखी गई थी, लेकिन तब कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया था। हाल ही में एक सम्मान समारोह के दौरान राज्य के मंत्री दिलीप घोष के समक्ष यह मुद्दा दोबारा उठाया गया। मंदिर समिति के चेयरमैन दीपचंद्र साहा, दामोदर राव और किशोर सहित अन्य सदस्यों ने बताया कि मंत्री दिलीप घोष ने उन्हें आश्वासन दिया है कि इस विषय को गंभीरता से लिया जाएगा।
दिलीप घोष ने कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण की एक लंबी प्रक्रिया होती है, लेकिन इसके लिए अनुमति लेने और काम शुरू करने की दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस हवाई अड्डे के शुरू होने से आसपास के लगभग 10 लोकसभा क्षेत्रों के करीब 30 लाख लोग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे, जिनमें ओडिशा, झारखंड और बंगाल के सीमावर्ती इलाकों के निवासी भी शामिल हैं।
इस सकारात्मक आश्वासन के बाद स्थानीय लोगों और समिति के सदस्यों में एक नई उम्मीद जगी है। अब सभी को इंतजार है कि सालों की यह मांग जल्द ही हकीकत में बदलेगी और खड़गपुर से भी हवाई उड़ानें शुरू हो सकेंगी।






