





पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के चुनावी समर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तूफानी दौरा कर भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में माहौल गरमा दिया। आसनसोल और हल्दिया की विशाल रैलियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की जनता अब ‘भय और भ्रष्टाचार’ के शासन से मुक्ति चाहती है और राज्य में परिवर्तन की लहर अब ‘पत्थर की लकीर’ बन चुकी है।



आसनसोल में माफिया राज पर प्रहार:

आसनसोल के औद्योगिक क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय मुद्दों को राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य से जोड़ा। उन्होंने कहा कि जिस आसनसोल को देश की औद्योगिक प्रगति का इंजन होना चाहिए था, उसे टीएमसी के शासन में ‘कोयला और रेत माफिया’ के हवाले कर दिया गया है। पीएम ने आरोप लगाया कि बंगाल की अर्थव्यवस्था टीएमसी के ‘सिंडिकेट राज’ की वजह से लगातार गिर रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जो बंगाल कभी देश की जीडीपी में 12 प्रतिशत का योगदान देता था, वह आज सिमटकर केवल 5 प्रतिशत पर आ गया है।
पीएम मोदी ने वादा किया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही आसनसोल और दुर्गापुर को ‘मेगा सिटी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा इस क्षेत्र के लिए प्रस्तावित 45,000 करोड़ रुपये के निवेश पैकेज का भी जिक्र किया, जो उद्योगों को पुनर्जीवित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने पर केंद्रित है।
हल्दिया में किसानों और मछुआरों के लिए हुंकार:
इससे पहले हल्दिया की रैली में प्रधानमंत्री ने तटीय और ग्रामीण बंगाल के मतदाताओं को साधने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने राज्य के मेहनतकश किसानों और मछुआरों को उनके अधिकारों से वंचित रखा है। प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से पान, आलू और धान की खेती करने वाले किसानों के लिए कल्याणकारी योजनाओं का वादा किया। उन्होंने मछुआरा समुदाय के लिए आधुनिक बंदरगाह सुविधाओं और नई तकनीक के विस्तार का आश्वासन दिया ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।
महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था:
प्रधानमंत्री के भाषण का एक बड़ा हिस्सा राज्य की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित रहा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि बंगाल में माताओं और बहनों पर हो रहे अत्याचारों का हिसाब जनता वोट की चोट से करेगी। उन्होंने वादा किया कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार राज्य में शांति और सुरक्षा का माहौल वापस लाएगी, जिससे अपराधी थर-थर कांपेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि तृणमूल शासन के दौरान भ्रष्टाचार में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “चाहे कोई मंत्री हो या संतरी, किसी को भी छोड़ा नहीं जाएगा। सबका हिसाब होगा और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ेगी।” पीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ “शून्य सहिष्णुता” (Zero Tolerance) का संदेश देते हुए कहा कि बंगाल में जल्द ही कानून का राज स्थापित होगा।
पीएम मोदी की 6 प्रमुख गारंटियाँ:
हल्दिया की रैली में प्रधानमंत्री ने बंगाल की जनता के लिए 6 महत्वपूर्ण गारंटियों की घोषणा की:
1.भयमुक्त बंगाल: भाजपा राज्य में भयमुक्त और भरोसेमंद सरकार बनाएगी।
2.जवाबदेही: नई सरकार जनता के प्रति पूरी तरह जवाबदेह होगी।
3.भ्रष्टाचार की जांच: भ्रष्टाचार के सभी पुराने मामलों की फाइलें फिर से खोली जाएंगी।
4.सख्त कार्रवाई: भ्रष्टाचार में शामिल मंत्रियों और नेताओं को जेल भेजा जाएगा।
5.शरणार्थियों को अधिकार: वैध शरणार्थियों को उनके अधिकार मिलेंगे, जबकि घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा।
6.सातवां वेतन आयोग: भाजपा सरकार आते ही राज्य में सातवां वेतन आयोग लागू किया जाएगा।
‘डबल इंजन सरकार’ की जरूरत पर जोर:
प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की कई कल्याणकारी योजनाओं, जैसे कि आयुष्मान भारत, पीएम सूर्यघर और पीएम विश्वकर्मा योजना को बंगाल में लागू नहीं होने दिया गया। उन्होंने कहा, “इन्हें ‘पीएम’ शब्द से इतनी नफरत है कि वे योजनाओं का नाम बदल देते हैं या उन्हें रोक देते हैं। जनता की भलाई के लिए राज्य में ‘डबल इंजन’ सरकार की सख्त जरूरत है।”
बेरोजगारी और उद्योग पर चिंता:
हल्दिया के औद्योगिक परिदृश्य पर बात करते हुए पीएम ने कहा कि कभी यह क्षेत्र रोजगार का केंद्र था, लेकिन आज यहाँ के कारखानों में ताले लटक रहे हैं। यहाँ के युवाओं को काम के लिए अंडमान और अन्य राज्यों में जाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने केवल अपने वोट बैंक को बचाने के लिए धर्म के आधार पर आरक्षण दिया है, जिसे कोर्ट ने भी फटकार लगाई है।
2026 चुनाव का निर्णायक मोड़:
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए होने जा रहे इस चुनाव को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले पीएम मोदी की इन रैलियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। प्रधानमंत्री ने अंत में जनता से ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को साकार करने के लिए भाजपा को एक मौका देने की अपील की, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे।






