






मेदिनीपुर: पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर सदर ब्लॉक अंतर्गत कुकुरमुरी इलाके से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। वन्यजीवों की रक्षा और लोगों को जागरूक करने के लिए इलाके में ‘सर्पबंधु’ के नाम से पहचाने जाने वाले 54 वर्षीय तपन सिंह की सांप के काटने से जान चली गई।


रेस्क्यू के दौरान हुआ हादसा

मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम कुकुरमुरी इलाके के एक घर में सांप घुसने की सूचना मिलने पर तपन सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए पहले एक सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। कुछ ही देर बाद उसी स्थान पर एक और बड़ा ‘खरिश’ सांप दिखाई दिया।
स्नेक कैचर की मदद से सांप को पकड़ने के बाद जब वे उसे डिब्बे में बंद करने की कोशिश कर रहे थे, तभी सांप ने अचानक उनकी उंगली पर डस लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सांप ने काफी देर तक उनकी उंगली को जकड़े रखा, जिससे उसे अलग करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल की ओर निकले
घटना के बाद तपन सिंह पहले अपने घर पहुंचे, लेकिन उन्होंने परिजनों को घटना की गंभीरता के बारे में नहीं बताया। इसके बाद वे खुद गाड़ी चलाकर मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रवाना हुए। हालांकि, रास्ते में ही उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विशेषज्ञों का प्रारंभिक अनुमान है कि सांप द्वारा उंगली को लंबे समय तक जकड़े रखने की वजह से शरीर में अत्यधिक मात्रा में विष चला गया था, जिसके कारण बेहद कम समय में ही उनकी स्थिति गंभीर हो गई।
लोगों को कर रहे थे जागरूक
पेशे से वाहन चालक तपन सिंह लंबे समय से सांपों के संरक्षण और लोगों में अंधविश्वास दूर करने का काम कर रहे थे। हादसे के वक्त भी वे मौजूद लोगों को यही समझा रहे थे कि बरसात के दिनों में सांप अधिक सक्रिय रहते हैं, इसलिए उन्हें मारने के बजाय वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचित करना चाहिए। उनकी इस आकस्मिक मृत्यु से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है।





