




कोलकाता: 24 जून को कोलकाता के तारातला में एक निर्माणाधीन गोदाम के ढहने की दुखद घटना के बाद राज्य प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। इस हादसे में कई मजदूरों की जान चली गई थी और कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के तुरंत बाद, नगर विकास एवं नगरपालिका कार्य विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में बहुमंजिला (G+5 और उससे अधिक) और सभी प्रकार की व्यावसायिक इमारतों के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।


सरकारी निर्देशिका में स्पष्ट किया गया है कि यह अस्थायी रोक 31 जुलाई, 2026 तक लागू रहेगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा, इमारतों की संरचनात्मक मजबूती और निर्माण नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना है।

यह आदेश केवल कोलकाता नगर निगम (KMC) तक सीमित नहीं है, बल्कि बिधाननगर, हावड़ा नगर निगम, न्यू टाउन कोलकाता डेवलपमेंट अथॉरिटी (NKDA) के साथ-साथ बाली, पुजाली, बारुईपुर, बजबज, महेशतला, राजपुर-सोनारपुर, दक्षिण दमदम, वराहनगर और कमरहाटी जैसी महत्वपूर्ण नगरपालिकाओं पर भी समान रूप से लागू होगा।
इस रोक के दौरान चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया जाएगा। इनमें जमीन की उपयुक्तता, साइट का संरचनात्मक और जियोटेक्निकल रिव्यू, तथा निर्माण सामग्री और गुणवत्ता का स्वतंत्र ऑडिट शामिल है। इसके अलावा, निर्माण स्थलों पर सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मजदूरों और आसपास के निवासियों को कोई खतरा न हो।
हालांकि, सरकार ने कुछ विशिष्ट मामलों को इस रोक से छूट दी है। केंद्र और राज्य सरकार के प्रोजेक्ट्स, आपातकालीन मरम्मत कार्य, और स्वीकृत योजना के तहत बनने वाली G+4 (ग्राउंड फ्लोर प्लस चार मंजिल) तक की आवासीय इमारतों के निर्माण पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया, “इंसान की जिंदगी से बढ़कर कुछ नहीं है। तारातला की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी कारण यह अस्थायी रोक और विस्तृत ऑडिट का निर्णय लिया गया है।”






