





खड़गपुर में चुनाव से पहले राजनीतिक पारा पूरी तरह से चढ़ गया है। खड़गपुर सदर में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार दिलीप घोष ने तीखा हमला बोला है, जिसके बाद दोनों पक्षों में जुबानी जंग तेज हो गई है।



हाल ही में वार्ड नंबर 6 के भवानीपुर इलाके में टीएमसी के दो गुटों के बीच झड़प की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि सोमवार देर रात टीएमसी कार्यालय में एक कार्यकर्ता की पिटाई की गई। इस घटना पर चुटकी लेते हुए दिलीप घोष ने टीएमसी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “रात के 12:30 या 1:00 बजे कौन भद्र व्यक्ति या महिला चाय पीने बाहर जाती है? ये लोग टीएमसी के गुंडे हैं। खड़गपुर को इन गुंडों से बचाने के लिए ही मैं यहां से चुनाव लड़ रहा हूं।”

दिलीप घोष यहीं नहीं रुके, उन्होंने टीएमसी सांसद और उम्मीदवार जून मालिया पर भी कटाक्ष किया। नामांकन के दिन किए गए उनके डांस पर तंज कसते हुए घोष ने कहा, “एक गोरी-चिट्ठी सांसद आई हैं। नामांकन के दिन आईं, डांस दिखाया और चली गईं। अब वह नहीं आतीं क्योंकि उन्हें डर है कि धूप में उनका चेहरा काला पड़ जाएगा। हमें ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।”
दिलीप घोष के इन बयानों के बाद टीएमसी ने भी उन पर जोरदार पलटवार किया है। टीएमसी नेताओं ने घोष पर महिलाओं का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया। टीएमसी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया कि, “दिलीप घोष महिलाओं का सम्मान करना नहीं जानते। जो व्यक्ति महिलाओं के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करता हो, उसके पास कोई महिला क्यों जाएगी?”
टीएमसी नेता ने आगे कहा कि घोष की सभाओं में अब लोग नहीं जुट रहे हैं, जिससे वह हताश हो गए हैं और अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। तंज कसते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस भयंकर गर्मी में दिलीप घोष का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और उन्हें अपना दिमाग शांत रखने के लिए नारियल पानी पीना चाहिए।
चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, खड़गपुर में नेताओं के बीच ये आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी आगे और भी दिलचस्प होने की संभावना है।







