






खड़गपुर शहर में दशहरा उत्सव और पारंपरिक रावण दहन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। न्यू सेटलमेंट स्थित ऐतिहासिक ‘रावण मैदान’ (रावण पोड़ा माठ) में प्रतिवर्ष दशमी के दिन आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम पूरे क्षेत्र में आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहता है।


इस वर्ष भी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए रावण का एक विशालकाय पुतला तैयार किया गया है। आयोजकों द्वारा महालया से पहले ही पुतले के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया था। नवमी के दिन पुतले को अंतिम रूप देने और सजाने के बाद क्रेन की सहायता से उसे मैदान में स्थापित करने का काम पूरा किया गया। दस सिरों वाले इस विशाल पुतले को देखने के लिए अभी से लोगों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

मिश्रित संस्कृति वाले खड़गपुर शहर में रावण दहन देखने के लिए न केवल स्थानीय नागरिक, बल्कि आसपास के दूर-दराज इलाकों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष के आयोजन का मुख्य आकर्षण ‘एक लाख कंठों से सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ’ होगा, जिसे लेकर व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं। दशमी की शाम बुराई पर अच्छाई के प्रतीक के रूप में रावण दहन का यह भव्य उत्सव संपन्न होगा।





