




नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने नियमों में बदलाव करते हुए अब उन्हें और भी ज्यादा सख्त कर दिया है। रेलवे (Railways Rules) के किसी भी नियम का उल्लंघन करने पर अब यात्रियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ेगा। यह तो सभी जानते हैं कि ट्रेन या स्टेशन पर धूम्रपान (Smoking) करना सख्त वर्जित है, लेकिन अब इसके खिलाफ कार्रवाई को और भी कड़ा कर दिया गया है।


धूम्रपान करने पर कड़ी सजा:

भारतीय रेलवे अधिनियम (Indian Railways Act) की धारा 167 के तहत ट्रेन और रेलवे स्टेशन पर धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है। नए जन विश्वास अधिनियम 2023 के तहत धारा 167(3) के अनुसार, अब यदि कोई यात्री ट्रेन या स्टेशन पर धूम्रपान करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 2000 रुपये का जुर्माना देना होगा। पहले इस जुर्माने की राशि केवल 200 रुपये थी।
नए नियमों के अनुसार, केवल 2000 रुपये का जुर्माना ही नहीं लगाया जाएगा, बल्कि ऐसा करते पकड़े जाने पर यात्री का टिकट भी जब्त या रद्द किया जा सकता है। ऐसे में वह यात्री आगे की यात्रा नहीं कर सकेगा। अगर कोई ट्रेन के अंदर धूम्रपान करते हुए पकड़ा जाता है, तो टीटीई (TTE) या रेलवे अधिकारी उस यात्री को ट्रेन से नीचे भी उतार सकते हैं। यदि कोई यात्री जुर्माना देने से इनकार करता है, तो उसे अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां उसे 5000 रुपये तक के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
बिना लाइसेंस हॉकिंग पर भी सख्त नियम:
ट्रेन में कई लोग बिना लाइसेंस के सामान बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। रेलवे के नियमों के अनुसार, बिना अनुमति के हॉकिंग करना और पैसेंजर एरिया में कोई भी सामान बेचना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 144 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है। जन विश्वास अधिनियम 2023 के अनुसार, अब ट्रेन में बिना लाइसेंस के हॉकिंग करने पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न देने पर व्यक्ति को अदालत में पेश किया जाएगा। ऐसे मामले में तीन महीने तक की जेल या 5000 रुपये का जुर्माना, या दोनों सजा एक साथ हो सकती है।
भीख मांगना भी है पूरी तरह प्रतिबंधित:
चाहे लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेन हो या लोकल ट्रेन, रेलवे परिसर में भीख मांगना पूरी तरह से वर्जित है। अगर कोई भीख मांगते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे तुरंत ट्रेन से नीचे उतार दिया जाएगा। साथ ही उस पर 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा। यदि कोई यह जुर्माना नहीं भरता है, तो रेलवे अधिनियम की धारा 144(2) के तहत उसे तीन महीने की जेल या 5000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति चार बार से अधिक इस अपराध को दोहराता है, तो धारा 144(3) के तहत उसे एक साल तक की जेल या 5 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।






