त्योहारी सीजन में पश्चिम बंगाल में जीएसटी संग्रह में भारी उछाल, अक्टूबर में आंकड़ा 6,000 करोड़ के पार

November 3, 2026 3:54 PM

शारदोत्सव और दुर्गा पूजा के दौरान जमकर हुई खरीदारी, खान-पान और पर्यटन के चलते पश्चिम बंगाल के राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। अक्टूबर महीने में राज्य से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह 6,055 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में इसमें 17 प्रतिशत की मजबूत बढ़ोतरी देखी गई है।

​विशेषज्ञों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राजस्व में इस रिकॉर्ड बढ़ोतरी का मुख्य आधार पूजा केंद्रित खरीदारी, आतिथ्य सत्कार (हॉस्पिटैलिटी) और खाद्य सेवा क्षेत्र रहे हैं। केवल दुर्गा पूजा के दिनों में ही राज्य के होटल और रेस्तरां सेवाओं से लगभग 60 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 35 प्रतिशत अधिक है। गौरतलब है कि इस आंकड़े में शराब बिक्री से मिलने वाला राजस्व शामिल नहीं है, यह पूरी तरह होटल-रेस्तरां के भोजन और ठहरने के खर्च पर वसूला गया कर है।

​होटल और रेस्तरां कारोबार में 54% की तेजी

आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य के होटल और रेस्तरां उद्योग में मासिक औसत कारोबार लगभग 650 करोड़ रुपये था। वहीं उत्सव का माहौल शुरू होते ही सितंबर और अक्टूबर—इन दोनों महीनों में यह कारोबार प्रतिमाह बढ़कर लगभग 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी मासिक औसत की तुलना में कारोबार में करीब 350 करोड़ रुपये (लगभग 54%) की वृद्धि दर्ज हुई। नतीजतन, दोनों महीनों में अकेले होटल-रेस्तरां क्षेत्र से ही जीएसटी वसूली 100 करोड़ रुपये के पार निकल गई। कोलकाता समेत विभिन्न जिलों में रेस्तरां के बाहर लगी लंबी कतारों और पर्यटकों की आमद ने राज्य के खजाने को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।

​राष्ट्रीय स्तर पर भी जीएसटी संग्रह में रिकॉर्ड उछाल

पश्चिम बंगाल के साथ-साथ पूरे देश में भी अक्टूबर माह के दौरान कर संग्रह का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में देशभर से कुल 2,31,290 करोड़ रुपये का सकल जीएसटी संग्रह हुआ। जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से यह देश के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मासिक संग्रह है। पिछले साल के अक्टूबर (1,88,125 करोड़ रुपये) की तुलना में इसमें 22.9 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।

​चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर) में देश का कुल राजस्व 14,77,569 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 13.2 प्रतिशत अधिक है। रिफंड के 27,934 करोड़ रुपये घटाने के बाद अक्टूबर में केंद्र का शुद्ध राजस्व 2,03,356 करोड़ रुपये दर्ज हुआ।

​राज्यों की स्थिति

राज्यों के आधार पर 35,150 करोड़ रुपये के संग्रह के साथ महाराष्ट्र शीर्ष पर रहा। इसके बाद कर्नाटक (15,922 करोड़ रुपये) और गुजरात (13,516 करोड़ रुपये) का स्थान रहा। बड़े राज्यों में सबसे अधिक उछाल असम में देखा गया, जहां कर संग्रह में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं सिक्किम (-28%), लद्दाख (-20%) और पुडुचेरी (-7%) में संग्रह में गिरावट दर्ज की गई।

​राष्ट्रीय स्तर पर कुल वसूली में आयात शुल्क पर जीएसटी संग्रह 42.2 प्रतिशत बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये और घरेलू लेनदेन से 1,59,044 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। कुल मिलाकर, त्योहारी मांग और उपभोक्ता खर्च ने अर्थव्यवस्था की गति को काफी मजबूती दी है।

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