






आगामी त्योहारों और उत्सवों का दौर समाप्त होते ही शहर को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया जाएगा। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संबोधन में यह स्पष्ट किया गया कि सड़कों पर अवैध कब्जा करके दुकानें लगाने और आवागमन बाधित करने का सिलसिला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


प्रशासनिक स्तर पर होने वाली संभावित तोड़फोड़ और बे*दखली को लेकर यह सख्त संदेश दिया गया कि अगर इस प्रक्रिया में किसी ने राजनीति करने या बाधा डालने की कोशिश की, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए आम जनता से सहयोग की अपील भी की गई।

संबोधन में कहा गया कि एक व्यक्ति के निजी फायदे के लिए सैकड़ों लोगों की सुविधा और आवागमन को खतरे में नहीं डाला जा सकता। शहर में कई संकरी सड़कों पर अ*वैध दुकानें सजने और गाड़ियां खड़ी रहने के कारण आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जो लोग वैकल्पिक व्यवस्था की बात कर रहे हैं, उनके लिए अन्य स्थानों पर विचार किया जा सकता है।
नेताओं या अधिकारियों को पैसे (रिश्वत) देकर सरकारी जमीन ह*ड़पने के दावों पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा गया कि ऐसे गैरकानूनी समझौते मान्य नहीं होंगे। प्रशासन और पुलिस से इस मुद्दे पर बातचीत हो चुकी है और उत्सव समाप्त होते ही शहर की सड़कों को पूरी तरह कब्जा-मुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।





