





पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर चुनाव आयोग (ECI) राज्य में सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों के भीतर राज्य के विभिन्न हिस्सों से भारी मात्रा में नकदी, शराब और अन्य कीमती सामान जब्त किया गया है।



कुल 427 करोड़ रुपये की जब्ती:

रिपोर्ट के मुताबिक, 26 फरवरी से 17 अप्रैल के बीच की गई छापेमारी में अब तक कुल 427 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी और अन्य सामग्रियां जब्त की जा चुकी हैं। आयोग द्वारा जारी सूची में निम्नलिखित विवरण दिए गए हैं:
•नकद राशि: लगभग 21 करोड़ रुपये।
•शराब: 31.94 लाख लीटर से अधिक शराब जब्त की गई, जिसका बाजार मूल्य 81 करोड़ रुपये आंका गया है।
•नशीले पदार्थ (ड्रग्स): लगभग 100 करोड़ रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई है।
•कीमती धातुएं: 54 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और अन्य कीमती धातुएं जब्त की गई हैं।
•अन्य सामग्री: 172 करोड़ रुपये मूल्य की अन्य संदिग्ध चीजें बरामद हुई हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
चुनाव आयोग ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से ही पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी गई है। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में 2728 फ्लाइंग स्क्वाड टीमें (FST) और 3142 स्टेटिक सर्विलांस टीमें (SST) सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नाका तलाशी के दौरान आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े।
अन्य राज्यों की स्थिति:
आयोग ने पश्चिम बंगाल के साथ-साथ अन्य चुनावी राज्यों के आंकड़े भी साझा किए हैं। उदाहरण के तौर पर, तमिलनाडु से अब तक 78 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की जा चुकी है, और वहां कुल जब्ती का मूल्य 438 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य चुनाव के दौरान धनबल और अवैध सामग्रियों के प्रभाव को रोकना है ताकि मतदाता बिना किसी प्रलोभन या डर के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।






