लोकल ट्रेनों को लेकर यात्रियों में इतने सवाल क्यों हैं ?

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✍तारकेश कुमार ओझा

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खड़गपुर : यातायात के लिहाज से सबसे सहज , सरल और सुलभ लोकल ट्रेनों का सवाल ही इन दिनों सर्वाधिक जटिल और पेचीदा हो चुका है । करीब आठ महीने के लंबे इंतजार के बाद बुधवार से लोकल ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद बंधी है । लेकिन आश्चर्य मिश्रित खुशी के बावजूद अनेकों सवाल भी यात्रियों को परेशान कर रहे हैं ।
रेल सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक पहले चरण में खड़गपुर मंडल को १७ जोड़ी लोकल ट्रेनें मिल सकती है । लेकिन यात्री समझ नहीं पा रहे हैं कि बंटवारे में किस स्टेशन को कितनी ट्रेनें मिलेंगी । क्योंकि हावड़ा – खड़गपुर संभाग के पांशकुड़ा , उलबेड़िया और बागनान से भी कई लोकल ट्रेनें चलती है । दूसरी ओर खड़गपुर – टाटानगर , आदर्ा और भद्रक संभाग के यात्री भी लंबे समय से लोकल ट्रेनों की बाट जोह रहे हैं । इस लिहाज से ट्रेनों की यह संख्या जरूरत से काफी कम मानी जा रही है । दूसरा सवाल टिकट हासिल करने को लेकर है । यात्री यह जानने को उत्सुक हैं कि लोकल ट्रेनों के टिकट काउंटरों से पहले की तरह सहज तरीके से मिल पाएंगे या नहीं । क्योंकि लोकल के नियमित यात्री ऑनलाइन बुकिंग के उतने अभ्यस्त नहीं हैं । ट्रेनों के ठहराव , किराया और कोविड सुरक्षा के उपाय से जुड़े सवाल भी रेल यात्रियों को परेशान कर रहे हैं । यात्री यह जानना चाहते हैं कि स्क्रीनिंग में यदि कोई यात्री संदिग्ध पाया गया तो प्रशासन का रवैया क्या होगा । दूसरी ओर सारा बांग्ला परिवहन यात्री कमेटी के प्रवक्ता नारायण चंद्र नायक ने कहा कि कोविड स्वास्थ्य विधि का पालन करते हुए अविलंब लोकल ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं किया गया तो बड़े पैमाने पर आंदोलन छेड़ा जाएगा ।

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