भारत और मालदीव के बीच हुई बड़ी डील, पाकिस्तान की बढ़ी बेचैनी
भारत और मालदीव के संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। हाल ही में दोनों देशों के बीच 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जो मालदीव के स्थानीय विकास और द्विपक्षीय सहयोग को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माने जा रहे हैं।
ये समझौते भारत की “हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP)” के तीसरे चरण के तहत किए गए हैं, जिसमें भारत ने मालदीव को 10 करोड़ मालदीवियन रूफिया (लगभग 55 करोड़ भारतीय रुपये) की सहायता देने का ऐलान किया है। इन परियोजनाओं में नाव सेवा विस्तार, समुद्री संपर्क, पर्यटन और आजीविका सुधार जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
समझौते पर हस्ताक्षर समारोह में मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला खालिल और भारत के उच्चायुक्त श्री जी. बालासुब्रमण्यम मौजूद थे। भारतीय उच्चायोग ने इस ऐतिहासिक अवसर की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और बताया कि यह साझेदारी दोनों देशों के मजबूत संबंधों की मिसाल है।
गौरतलब है कि मालदीव के वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पहले ‘इंडिया आउट’ अभियान के समर्थक माने जाते थे, लेकिन अब उनके नेतृत्व में भारत के साथ यह बड़ी डील करना राजनीतिक और कूटनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
इस सहयोग से जहां भारत की दक्षिण एशिया में पकड़ और मज़बूत हो रही है, वहीं पाकिस्तान की बेचैनी भी बढ़ती दिख रही है। एक मुस्लिम देश का भारत के साथ खुलकर सहयोग करना पाकिस्तान की विदेश नीति के लिए एक चुनौतीपूर्ण संकेत हो सकता है।
यह डील न केवल दोनों देशों के विकास को गति देगी, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और साझेदारी के एक नए युग की शुरुआत भी करेगी।