बीजेपी विधायक हिरण चटर्जी और शीतल कपाट ने टीएमसी में शामिल होने की कोशिश के दावों को नकारा, अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
पश्चिम बंगाल की राजनीति में दलबदल की अटकलों के बीच, भाजपा विधायक हिरण चटर्जी और भाजपा नेता शीतल कपाट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल होने की खबरों का जोरदार खंडन किया है। यह स्पष्टीकरण टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने संकेत दिया था कि कई भाजपा नेता उनके संपर्क में हैं और सत्तारूढ़ दल में शामिल होना चाहते हैं।
अभिषेक बनर्जी के दावे और पलटवार:
हाल ही में एक जनसभा के दौरान अभिषेक बनर्जी ने दावा किया था कि भाजपा के कई विधायक और नेता टीएमसी के दरवाजे पर खड़े हैं। इसके बाद से ही राजनीतिक गलियारों में खड़गपुर सदर से विधायक हिरण चटर्जी और अन्य नेताओं के नाम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
इन अटकलों पर विराम लगाते हुए हिरण चटर्जी ने स्पष्ट किया कि वे भाजपा के एक निष्ठावान सिपाही हैं और टीएमसी में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने अभिषेक बनर्जी के दावों को ‘आधारहीन’ और ‘भ्रामक’ करार दिया।
शीतल कपाट ने दी चुनौती:
वहीं, भाजपा नेता शीतल कपाट ने भी इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि टीएमसी अपनी अंदरूनी कलह और जनता के बीच गिरती लोकप्रियता से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की अफवाहें फैला रही है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी को उन नेताओं के नाम सार्वजनिक करने चाहिए जो कथित तौर पर उनके संपर्क में हैं, बजाय इसके कि वे हवा में बातें करें।
भाजपा का रुख:
भाजपा के स्थानीय नेतृत्व ने भी अपने विधायकों का समर्थन करते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्रीय एजेंसियों की जांच और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हुई है, इसलिए वह जनता को गुमराह करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रही है।
निष्कर्ष:
आगामी चुनावों से पहले बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी तेज है। जहाँ टीएमसी भाजपा में सेंध लगाने का दावा कर रही है, वहीं भाजपा अपने कुनबे को एकजुट दिखाने की कोशिश में जुटी है। फिलहाल, हिरण चटर्जी और शीतल कपाट के बयानों ने इन अटकलों पर पूरी तरह से मिट्टी डाल दी है।