





kgp news डेस्क: चुनाव आयोग के कामकाज में भारी अव्यवस्था का मामला सामने आया है। आधी रात को एक अहम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, लेकिन इसमें सबसे बड़ा रहस्य यह बना हुआ है कि कितने लोगों के नाम सूची से काटे गए हैं। इसके साथ ही चुनाव से ठीक पहले बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं।



इस खबर की मुख्य बातें:

लाखों नामों का निपटारा, लेकिन स्थिति अस्पष्ट: प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुल 60 लाख 6 हजार 372 विचाराधीन (pending) नामों में से सोमवार रात तक 29 लाख नामों का निपटारा कर लिया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन 29 लाख में से कितने नाम सूची से हटा दिए गए हैं (काटे गए हैं)। आधी रात को प्रकाशित इस सूची में इसे लेकर भारी असमंजस है।
यहाँ चेक करें अपना नाम: जिन मतदाताओं के नाम विचाराधीन थे, वे केवल चुनाव आयोग की वेबसाइट्स (voters.eci.gov.in और electoralsearch.wb.gov.in) पर जाकर अपने वोटर आईडी (EPIC) नंबर के जरिए यह जांच सकते हैं कि उनका नाम नई सूची में है या नहीं।
आयोग के खिलाफ असंतोष: बिना यह बताए कि कितने नाम काटे गए हैं, आधी रात को सूची जारी करने से चुनाव आयोग के खिलाफ भारी असंतोष फैल गया है। बताया जा रहा है कि कई नामों के साथ ‘ई-साइन’ (e-sign) न होने का तर्क देकर उन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया है।
73 रिटर्निंग ऑफिसर्स का तबादला: इस सूची विवाद के बीच, चुनाव आयोग ने सोमवार रात को भवानीपुर सहित राज्य के 73 केंद्रों के रिटर्निंग अधिकारियों (Returning Officers) को अचानक बदल दिया है। मतदान से पहले इतने बड़े पैमाने पर हुए इन बदलावों ने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है।
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