





टिकटों की कालाबाजारी और दलाली को रोकने तथा यात्रियों को सुरक्षित टिकट बुकिंग सेवा प्रदान करने के लिए, भारतीय रेलवे (IRCTC) ने 2026 के लिए टिकट रद्दीकरण और रिफंड के नए नियम पेश किए हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि ये महत्वपूर्ण बदलाव आम यात्रियों के हित को ध्यान में रखकर किए गए हैं।



नए रिफंड नियम इस प्रकार हैं:

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपका टिकट रद्द करने की समय सीमा के आधार पर रिफंड की राशि तय की जाएगी:
यात्रा से 72 घंटे से अधिक पहले: इस स्थिति में आपको अधिकतम रिफंड प्राप्त होगा। इस दौरान केवल एक निश्चित रद्दीकरण (कैंसिलेशन) शुल्क ही काटा जाएगा।
72 घंटे से 24 घंटे के बीच: आपको 75% रिफंड मिलेगा। कुल किराये का 25% हिस्सा काट लिया जाएगा।
24 घंटे से 8 घंटे के बीच: आपको 50% रिफंड मिलेगा। कुल किराये का 50% हिस्सा काट लिया जाएगा।
8 घंटे से कम समय: कोई भी पैसा वापस नहीं मिलेगा यानी शून्य रिफंड (Zero Refund) होगा।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने की विशेष सुविधा
बड़े शहरों के यात्रियों के लिए रेलवे ने एक और शानदार सुविधा की घोषणा की है। अब ट्रेन के प्रस्थान से मात्र 30 मिनट पहले तक यात्री अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। यह सुविधा मुख्य रूप से कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।
नए नियमों का उद्देश्य और लागू होने की तिथि
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, “टिकटों की जमाखोरी और दलाली को रोकना ही हमारा लक्ष्य है। इसके माध्यम से सही यात्रियों को लाभ होगा।”
ये नए नियम आगामी 1 से 15 अप्रैल, 2026 के बीच चरणबद्ध (phased rollout) तरीके से लागू किए जाएंगे। यह ऐतिहासिक निर्णय प्रतिदिन यात्रा करने वाले 2.5 करोड़ से अधिक यात्रियों को सही सेवा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।





