





पश्चिम बंगाल के जंगलमहल इलाके में एक बार फिर हाथी की मौत से हड़कंप मच गया है। शुक्रवार सुबह मिदनापुर डिवीजन के चांदड़ा रेंज के अंतर्गत शिरषी इलाके में एक पूर्ण विकसित नर हाथी (दंताल) का शव धान के खेत में पड़ा मिला। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में सनसनी फैल गई है।



घटना का विवरण:

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से चांदड़ा रेंज में लगभग 20-22 हाथियों का एक झुंड सक्रिय था। ये हाथी शाम ढलते ही खेतों में उतरकर ‘बोरो धान’ की फसलों को नुकसान पहुँचा रहे थे। शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीण अपने खेतों में गए, तो उन्होंने एक विशालकाय हाथी को मृत अवस्था में पाया। घटना की सूचना तुरंत वन विभाग और गुड़गुड़ीपाल थाने की पुलिस को दी गई।
मौत के कारणों पर सस्पेंस:
वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है। चांदड़ा रेंज के अधिकारी लक्ष्मीकांत महतो ने बताया कि हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के सटीक कारणों का पता चल सके। प्राथमिक जांच में वन विभाग को संदेह है कि हाथी की मौत या तो अत्यधिक भोजन (Overeating) के कारण हुई है या फिर धान के खेत में इस्तेमाल किए गए किसी जहरीले कीटनाशक के असर से।
इलाके में शोक का माहौल:
हाथी की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से भारी संख्या में लोग मृत हाथी को देखने और उसे अंतिम विदाई देने के लिए जमा हो गए। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले ही झाड़ग्राम जिले में भी एक हाथी के बच्चे की मौत की खबर आई थी, जिसके बाद वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं।







