खड़गपुर में रामनवमी की धूम: दिलीप घोष ने लिया तैयारियों का जायजा, तृणमूल पर साधा निशाना

March 27, 2026 10:51 AM

रामनवमी के पावन अवसर पर खड़गपुर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है। इसी कड़ी में भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने आज सुबह खड़गपुर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और रामनवमी की तैयारियों का जायजा लिया।

मंदिर दर्शन और जनसंपर्क:-

दिलीप घोष ने अपने दिन की शुरुआत मीरपुर हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ की। इसके बाद उन्होंने इंदा गोआलापाड़ा स्थित अखाड़े का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। दोपहर में उन्होंने गोलबाजार ट्रक स्टैंड पर आयोजित भोग वितरण कार्यक्रम में हिस्सा लिया और श्रद्धालुओं के बीच समय बिताया। मालंचा के वार्ड नंबर 11 स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की।

“राम विरोधियों को भी अब राम की शरण में आना पड़ा”

पत्रकारों से बात करते हुए दिलीप घोष ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:

“आज पश्चिम बंगाल में बदलाव साफ दिख रहा है। जो लोग पहले रामनवमी के आयोजकों को ‘सांप्रदायिक’ कहते थे और राम का नाम लेने से कतराते थे, आज उन्हें भी रामनवमी मनानी पड़ रही है। उन्हें भी मंदिरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और राम की तस्वीरें लगानी पड़ रही हैं। यह भाजपा की विचारधारा की जीत है कि सबको हमारे रास्ते पर आना पड़ रहा है।”

मुस्लिम वोटों और विकास पर बड़ा बयान:-

आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि अब मुस्लिम समाज भी भाजपा के साथ जुड़ने लगा है। उनके मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:

•तुष्टीकरण की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस केवल क्षेत्रीय राजनीति और लड़ाई-झगड़े में विश्वास रखती है, जबकि भाजपा विकास पर ध्यान देती है।

•केंद्रीय योजनाओं का लाभ: घोष ने दावा किया कि आज मुस्लिम समुदाय को समझ आ रहा है कि केंद्र की भाजपा सरकार की योजनाओं (राशन, बिजली, पानी, आवास और गैस) का लाभ उन्हें बिना किसी भेदभाव के मिल रहा है।

•वोटों का ध्रुवीकरण: उन्होंने सवाल उठाया कि अगर खड़गपुर में हमेशा हिंदू वोट बंटते आए हैं, तो इस बार अगर मुस्लिम वोट बंट जाए तो क्या होगा? उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में भी परिवर्तन निश्चित है।

दिलीप घोष ने अंत में कहा कि हिंदू समाज हमेशा से भाजपा के साथ खड़ा रहा है और यही हमारी ताकत है। इसके बाद वे अन्य अखाड़ों की तैयारी देखने के लिए रवाना हो गए।

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