





पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। सीपीएम, टीएमसी और बीजेपी के बाद आखिरकार कांग्रेस ने भी अपने पत्तों को खोलते हुए 284 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में सबसे प्रमुख और चर्चित नाम दिग्गज कांग्रेसी नेता अधीर रंजन चौधरी का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर उनके मजबूत गढ़ माने जाने वाले मुर्शिदाबाद जिले के बहरमपुर से चुनावी मैदान में उतारा है। अपने नाम की आधिकारिक घोषणा होते ही इस अनुभवी राजनेता ने पूरे जोश के साथ अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया है।



पैदल ही जनसंपर्क में जुटे अधीर चौधरी

मंगलवार की सुबह अधीर रंजन चौधरी ने बहरमपुर के स्वर्णमयी इलाके में पैदल चलकर सघन जनसंपर्क अभियान चलाया। इसके तुरंत बाद उन्होंने भाकुड़ी एक नंबर पंचायत में एक नए चुनाव कार्यालय का उद्घाटन भी किया। कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने चुनाव लड़ने के फैसले पर बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “मैं चुनाव मैदान में हूँ और मतदाताओं से वोट मांगना मेरा लोकतांत्रिक अधिकार है। भले ही यह मेरा अपना और जाना-पहचाना इलाका है, लेकिन फिर भी मैं लोगों के दरवाजे तक जाकर उनका आशीर्वाद मांग रहा हूँ। अंततः यह फैसला जनता का ही होगा कि वे किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।”
स्थानीय लोगों के साथ साझा की पुरानी यादें
अपने क्षेत्र के साथ अपनी जड़ों और गहरे जुड़ाव का जिक्र करते हुए अधीर चौधरी ने भावुक होते हुए कहा, “मेरा जन्म यहीं हुआ है और मैं यहीं पला-बढ़ा हूँ। आज आप यहाँ जो बाजार देख रहे हैं, उसे हम लोगों ने ही मिलकर खड़ा किया है। एक दौर था जब यहाँ सिर्फ झोपड़ियां हुआ करती थीं। हमने स्थानीय लोगों के सहयोग से थोड़ा-थोड़ा पैसा इकट्ठा करके इस पूरी जगह को विकसित किया है।”
उम्मीदवारों की घोषणा के बाद कुछ जगहों पर विरोध के सुर
रविवार को कांग्रेस की सूची सामने आने के बाद पार्टी के अंदर कुछ क्षेत्रों में असंतोष भी देखने को मिल रहा है। मुर्शिदाबाद के डोमकल विधानसभा क्षेत्र से पार्टी ने शहनाज बेगम को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। उनका नाम सामने आते ही पार्टी कार्यालय के भीतर भारी हंगामा और तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि, इस विरोध पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए शहनाज बेगम ने कहा, “पार्टी आलाकमान ने मुझे उम्मीदवार बनाया है। यह बहुत स्वाभाविक है कि कोई एक व्यक्ति हर किसी की पहली पसंद नहीं हो सकता। मुझे पूरा विश्वास है कि जैसे-जैसे समय बीतेगा, धीरे-धीरे सब कुछ ठीक हो जाएगा।”
अकेले चुनाव लड़ रही कांग्रेस, युवाओं पर खेला दांव
गौरतलब है कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद यह पहला मौका है जब कांग्रेस पूरी तरह से अपने दम पर अकेले विधानसभा चुनाव लड़ रही है। इस बार पार्टी ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए उम्मीदवारों की सूची में कई युवा और बिल्कुल नए चेहरों पर भरोसा जताया है। इनमें सबसे बड़ा नाम पूर्व दिग्गज नेता सोमेन मित्रा के बेटे रोहन मित्रा का है। रोहन इस बार पहली बार चुनावी अखाड़े में उतर रहे हैं और पार्टी ने उन्हें बालीगंज सीट से टिकट दिया है। इसके अलावा, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव आशुतोष चटर्जी को भी कोलकाता की रास बिहारी सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।






