





मेदिनीपुर: झारग्राम से पश्चिम मेदिनीपुर में 50 हाथियों के एक दल के प्रवेश करने से इलाके में भारी दहशत फैल गई है। मुख्यमंत्री के मेदिनीपुर दौरे से ठीक पहले हुई इस घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। गुस्साए हाथियों ने इलाके में जमकर उत्पात मचाया और वाहनों को चकनाचूर कर दिया।



नदी पार कर घुसा हाथियों का झुंड

मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात यह 50 हाथियों का झुंड झारग्राम के माणिकपाड़ा स्थित कुमारी जंगल से कंसावती नदी पार करके मेदिनीपुर सदर के मोनिदह इलाके में घुसा। आते समय इन हाथियों ने बीघे के बीघे धान की फसल को खाकर और रौंद कर नष्ट कर दिया। इस खतरे के बावजूद, दूर-दराज से उत्सुक लोगों की भारी भीड़ हाथियों को देखने के लिए जमा हो गई।
सड़क पार करते समय मची अफरा-तफरी, बाल-बाल बची जान
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे जब यह झुंड मेदिनीपुर-झारग्राम सड़क पार कर डुमुरकोटा के जंगल में जा रहा था, तब रूपसा इलाके में एक हाथी अचानक भीड़ की तरफ दौड़ पड़ा। जान बचाने की अफरा-तफरी में दो युवक सड़क पर गिर पड़े। इनमें से एक युवक पास के खेत में लुढ़क कर बच गया, जबकि हाथी सड़क पर गिरे दूसरे युवक को बिना नुकसान पहुंचाए उसके ऊपर से लांघ कर चला गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हाथी ने पास ही खड़े एक तीसरे युवक को निशाना बनाया और उसका पीछा किया। इसी दौरान गुस्से में हाथी ने वहां मौजूद एक मारुति और ईको गाड़ी के साथ-साथ एक मोटरसाइकिल को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। उस युवक ने धान के खेत में छलांग लगाकर किसी तरह अपनी जान बचाई और एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई।
वन विभाग की सख्त चेतावनी और किसानों की बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद वन विभाग ने स्थानीय लोगों को सख्त चेतावनी जारी की है। लोगों को जंगल में न जाने की हिदायत दी गई है और स्पष्ट किया गया है कि हाथी देखने के लिए जंगल में प्रवेश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इलाके के किसान इस स्थिति से बेहद खौफजदा हैं। किसानों को पहले ही आलू के सही दाम नहीं मिले थे और लगातार बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। अब 50 हाथियों के इस झुंड द्वारा किए जा रहे भारी नुकसान की आशंका ने किसानों की कमर तोड़ दी है।








