





मेदिनीपुर: विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आयोग के नए निर्देशों के अनुसार, चुनाव कार्य में उपयोग किए जाने वाले वाहनों में अब जीपीएस (GPS) सिस्टम लगाया जा रहा है। चुनाव के इतिहास में यह पहली बार है जब वाहनों की आवाजाही पर डिजिटल माध्यम से पैनी नजर रखी जाएगी।



ट्रैकिंग से बढ़ेगी सुरक्षा और पारदर्शिता

चुनाव आयोग का मुख्य उद्देश्य मतदान सामग्री (जैसे ईवीएम) और मतदान कर्मियों को समय पर और सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्रों तक पहुँचाना है। जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल रूम में बैठे चुनाव अधिकारी रीयल-टाइम में यह देख सकेंगे कि वाहन सही रास्ते पर हैं या नहीं और वे अपने गंतव्य पर समय पर पहुँच रहे हैं या नहीं।
पश्चिम मेदिनीपुर में व्यापक तैयारी
खबरों के अनुसार, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के घाटल, दासपुर और चंद्रकोणा विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 210 वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है। इन वाहनों का उपयोग विशेष रूप से चुनाव संबंधी कार्यों के लिए किया जाएगा।
निजी बस सेवाओं पर असर
बस ओनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी है कि चुनाव ड्यूटी के कारण आने वाले दिनों (विशेषकर 21, 22, 23, 27, 28 और 29 मार्च) में सड़कों पर सामान्य निजी बसों की संख्या कम रह सकती है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए घाटल अनुमंडल सहित अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बसों को अधिग्रहित किया गया है।
चुनाव आयोग के इस तकनीकी बदलाव से चुनावी गड़बड़ियों की गुंजाइश कम होने और सुरक्षा व्यवस्था के और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
संवाददाता द्वारा प्रेषित




