





पश्चिम बंगाल में मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद भी राजनीतिक हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। ताजा मामला पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदिग्राम और मोयना विधानसभा क्षेत्रों से सामने आया है, जहाँ चुनाव के बाद टीएमसी (TMC) और भाजपा (BJP) कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़पें और मारपीट की खबरें मिली हैं।



नंदिग्राम में टीएमसी कार्यकर्ता पर हमला:

नंदिग्राम के भेकुटिया (बूथ नंबर 36) इलाके में तनाव उस समय बढ़ गया जब झंटू मैती नामक एक टीएमसी कार्यकर्ता पर हमले का आरोप लगा। बताया जा रहा है कि झंटू एक दुकान पर बैठे थे, तभी कथित तौर पर भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला कर दिया।
पीड़ित झंटू मैती का कहना है कि वे ओडिशा में काम करते हैं और केवल वोट देने के लिए घर आए थे। उन्होंने दावा किया कि वे सक्रिय राजनीति या किसी भी प्रकार के प्रचार में शामिल नहीं थे, फिर भी उन पर हमला किया गया। हालांकि, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण रहा और टीएमसी द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।
मोयना में भी स्थिति तनावपूर्ण:
नंदिग्राम के साथ-साथ मोयना इलाके में भी मतदान के बाद छिटपुट हिंसा और विवाद की खबरें आईं। यहाँ भी दोनों राजनीतिक दलों के समर्थकों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटनाएं दर्ज की गई हैं। पुलिस और सुरक्षाबलों को स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:
घटना की जानकारी मिलते ही नंदिग्राम और मोयना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रभावित इलाकों में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं ताकि हिंसा को और बढ़ने से रोका जा सके।
पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान और उसके बाद होने वाली यह हिंसा एक बार फिर राज्य की कानून व्यवस्था और राजनीतिक ध्रुवीकरण पर सवाल खड़े कर रही है।







