नई सरकार का ऐतिहासिक फैसला, जनकल्याणकारी योजनाएं रहेंगी जारी; सुरक्षा और पारदर्शिता पर कड़ा रुख

May 12, 2026 12:12 AM

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने प्रदेश की जनता के लिए अपनी नीतियों और प्राथमिकताओं का स्पष्ट रोडमैप पेश कर दिया है। एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य की सभी प्रचलित सामाजिक कल्याण परियोजनाओं को निरंतर जारी रखने का आश्वासन दिया है। सरकार ने साफ किया है कि चाहे कोई योजना एक दशक पुरानी हो या तीस साल, जनहित में शुरू किया गया कोई भी सामाजिक प्रकल्प बंद नहीं किया जाएगा।

पारदर्शिता और डिजिटल क्रांति का नया अध्याय

प्रशासनिक सुधारों की दिशा में सरकार ने ‘पेपरलेस ऑफिस’ (कागज रहित कार्यालय) की अवधारणा को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत सभी सरकारी पोर्टल्स को आधुनिक तकनीक से अपडेट किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि लाभार्थियों को मिलने वाली सहायता राशि अब पूर्ण रूप से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। इस कदम का उद्देश्य बिचौलियों को खत्म करना और सरकारी तंत्र में शत-प्रतिशत पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

भ्रष्टाचार मुक्त शासन और संवैधानिक प्राथमिकता

सरकार ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि अब सरकारी धन का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अपात्र व्यक्तियों या अवैध रूप से लाभ उठाने वालों को सूची से बाहर किया जाएगा। साथ ही, आगामी कैबिनेट बैठक में संस्थागत भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, और कर्मचारियों के बकाया डीए (DA) जैसे गंभीर विषयों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि प्रशासन अब व्यक्ति-केंद्रित होने के बजाय पूर्णतः संविधान और स्थापित नियमों के आधार पर संचालित होगा।

सीमा सुरक्षा के लिए भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी

राज्य की सीमाओं को अभेद्य बनाने और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सीमावर्ती क्षेत्रों में आवश्यक भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और भूमि एवं राजस्व विभाग को कड़ा निर्देश दिया है कि भूमि हस्तांतरण की यह पूरी प्रक्रिया अगले 45 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से संपन्न की जाए।

​इस नए प्रशासनिक दृष्टिकोण से यह स्पष्ट है कि सरकार पश्चिम बंगाल की सुरक्षा, अस्मिता और विकास के प्रति अत्यंत गंभीर है और एक पारदर्शी शासन व्यवस्था की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment